ऑपरेशन शुद्धि: सोनभद्र में गांजा तस्करी का खुलासा, दो कारों से 118 किलो से अधिक गांजा बरामद; तीन गिरफ्तार
(सोनभद्र): उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत करमा पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने दो संदिग्ध कारों से 118 किलो 670 ग्राम गांजा बरामद करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये है, जबकि दोनों वाहनों, मोबाइल फोन और नकदी समेत कुल बरामदगी की कीमत लगभग 95 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन शुद्धि’ के तहत की। मामले में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
चेकिंग के दौरान पुलिस ने रोकीं दो संदिग्ध कारें
पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 की रात करमा थाना प्रभारी कमलेश पाल और एसओजी प्रभारी राम स्वरूप वर्मा के नेतृत्व में संयुक्त टीम ग्राम करनवाह जाने वाले तिराहे पर संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी।
इसी दौरान हिन्दुआरी की ओर से आ रहीं दो कारें पुलिस को देखकर तिराहे से करीब 50 मीटर पहले ही वापस मुड़ने लगीं। संदेह होने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर रात करीब 11:15 बजे दोनों वाहनों को रोक लिया। उनमें सवार तीन लोगों को हिरासत में लेकर तलाशी ली गई।

ऑपरेशन शुद्धि: कारों में छिपाकर रखा गया था गांजा
तलाशी के दौरान महिंद्रा XUV-500 के पिछले हिस्से में स्टेपनी के नीचे और मारुति सुजुकी ब्रेजा के पिछले तथा बीच वाले हिस्से में टेप से लिपटे छोटे-छोटे पैकेट मिले। जांच करने पर इन पैकेटों में गांजा पाया गया। दोनों वाहनों से कुल 118 किलो 670 ग्राम गांजा बरामद हुआ।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 8,280 रुपये नकद और पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। दोनों कारों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 60 के तहत कब्जे में लिया गया है।
ओडिशा से मीरजापुर पहुंचाई जानी थी खेप
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में रहने वाले एक व्यक्ति के कहने पर गांजा लेकर मीरजापुर जा रहे थे। वहां उन्हें बताए गए लोगों को खेप सौंपनी थी। आरोपियों के अनुसार, गांजा और वाहनों की व्यवस्था कथित तौर पर उसी व्यक्ति ने की थी।
पुलिस के प्रेस नोट में बताया गया है कि खेप पहुंचाने के बदले प्रत्येक आरोपी को 15 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया गया था। आरोपियों ने पूर्व में भी गांजा पहुंचाने की बात कही है। हालांकि, इन बयानों और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की पुष्टि पुलिस जांच के आधार पर की जानी है।
ऑपरेशन शुद्धि: ओडिशा के सुंदरगढ़ के रहने वाले हैं तीनों आरोपी
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विश्वजीत बारिक उर्फ कानू, रविन्द्र नायक और मोहम्मद दानिश आलम के रूप में की है। तीनों ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के अलग-अलग इलाकों के निवासी बताए गए हैं। उनकी उम्र क्रमशः करीब 29, 47 और 29 वर्ष है।
इस मामले में थाना करमा में मुकदमा संख्या 199/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20/27A/29/60 में कार्रवाई की जा रही है।
तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब गांजे की आपूर्ति के स्रोत, संभावित खरीदारों और इस कारोबार में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क के जरिए पहले कितनी बार मादक पदार्थों की खेप पहुंचाई गई।
संयुक्त कार्रवाई में करमा थाना पुलिस और एसओजी के अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम शामिल रही। पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।