India UK Navy Meeting 2026: भारत और ब्रिटेन की नौसेनाओं की बैठक में सहयोग बढ़ाने पर जोर
(नई दिल्ली): भारत और ब्रिटेन की नौसेनाओं ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण चर्चा की है। दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच 17वीं कार्यकारी संचालन समूह (Executive Steering Group) की बैठक 14 और 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुई। बैठक में परिचालन और व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने के उपायों पर विचार किया गया। इसके साथ ही उभरती तकनीकों, भविष्य की परिचालन अवधारणाओं और नौसैनिक क्षमताओं के क्षेत्र में सहयोग के नए अवसरों पर भी चर्चा हुई।
भारतीय नौसेना के अनुसार, यह बैठक दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग और लंबे समय से चले आ रहे आपसी संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में आयोजित की गई। इसका उद्देश्य पेशेवर संवाद को मजबूत करना और दोनों नौसेनाओं के बीच बेहतर तालमेल विकसित करना है।
रियर एडमिरल सचिन सीक्वेरा और मेजर जनरल पॉल मेनार्ड ने की सह-अध्यक्षता
बैठक की सह-अध्यक्षता भारतीय नौसेना के रियर एडमिरल सचिन सीक्वेरा और ब्रिटेन की रॉयल नेवी के मेजर जनरल पॉल मेनार्ड ने की। दोनों अधिकारियों ने परिचालन सहयोग और पेशेवर जुड़ाव को गहरा करने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया।
बैठक में उभरती तकनीकों और भविष्य की नौसैनिक क्षमताओं को लेकर सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर भी जोर दिया गया। बदलते समुद्री सुरक्षा वातावरण में नौसेनाओं के बीच नियमित संवाद, अनुभवों का आदान-प्रदान और संयुक्त गतिविधियां महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
India UK Navy Meeting 2026: एक्सरसाइज कोंकण-2026 से भी मजबूत होंगे संबंध
भारत और ब्रिटेन के बीच नौसैनिक सहयोग का एक प्रमुख हिस्सा संयुक्त समुद्री अभ्यास कोंकण-2026 भी रहा। भारतीय नौसेना का गाइडेड-मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस त्रिशूल 11 अक्टूबर को ब्रिटेन के प्लायमाउथ पहुंचा था। जहाज ने रॉयल नेवी के साथ इस अभ्यास में हिस्सा लिया।
अभ्यास के दौरान बंदरगाह और समुद्री चरणों में विभिन्न पेशेवर गतिविधियां तथा परिचालन अभ्यास आयोजित किए गए। इनमें क्रॉस-डेक दौरे, प्रशिक्षण संबंधी संवाद और समुद्र में विभिन्न परिस्थितियों के अनुरूप तालमेल विकसित करने वाली गतिविधियां शामिल थीं।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, कोंकण अभ्यास पिछले दो दशकों में विस्तार और जटिलता के लिहाज से विकसित हुआ है। इससे दोनों नौसेनाओं को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली समझने और संयुक्त समुद्री अभियानों में बेहतर समन्वय विकसित करने का अवसर मिलता है।
व्यापक रणनीतिक साझेदारी का हिस्सा है नौसैनिक सहयोग
भारत और ब्रिटेन के संबंधों में रक्षा और समुद्री सुरक्षा का महत्वपूर्ण स्थान है। दोनों देश संयुक्त अभ्यासों, पेशेवर संवाद और प्रशिक्षण गतिविधियों के माध्यम से अपनी नौसेनाओं के बीच संपर्क बढ़ा रहे हैं।
बैठक में उभरती तकनीकों और भविष्य की क्षमताओं पर चर्चा इस बात का संकेत है कि दोनों पक्ष पारंपरिक सैन्य अभ्यासों के साथ-साथ सहयोग के नए क्षेत्रों की भी संभावनाएं तलाश रहे हैं। हालांकि, बैठक में चर्चा किए गए सभी विषयों के लिए किसी नई संयुक्त परियोजना या समझौते की घोषणा नहीं की गई है।
कुल मिलाकर, 17वीं कार्यकारी संचालन समूह बैठक और कोंकण-2026 जैसी गतिविधियां भारत-ब्रिटेन नौसैनिक संबंधों को आगे बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा हैं। दोनों देशों का लक्ष्य समुद्री अभियानों में आपसी समझ, परिचालन तालमेल और पेशेवर सहयोग को मजबूत करना है।
स्रोत: ANI