WEF Report 2026: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल ने दुनिया भर में डेटा सेंटर की मांग बढ़ा दी है। अब इन केंद्रों को चलाने के लिए पर्याप्त बिजली, कूलिंग और पानी की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। इसी मुद्दे पर वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की नई रिपोर्ट ने मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका (MENA) के देशों को बिजली व्यवस्था की योजना में बदलाव करने की सलाह दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, AI डेटा सेंटर को सामान्य व्यावसायिक उपभोक्ता की तरह देखने के बजाय बिजली ग्रिड पर महत्वपूर्ण और तेजी से बदलने वाला लोड माना जाना चाहिए।
WEF की रिपोर्ट Powering AI at Scale: Optimizing Hyperscale Data Centre Infrastructure in MENA में कहा गया है कि क्षेत्र में AI और बड़े डेटा सेंटर का विस्तार तभी टिकाऊ हो सकता है, जब बिजली उत्पादन, ग्रिड कनेक्शन, कूलिंग और पानी की उपलब्धता की योजना एक साथ बनाई जाए। रिपोर्ट 14 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित हुई थी।
AI डेटा सेंटर को ‘क्रिटिकल लोड’ मानने की सलाह
WEF Report 2026: डेटा सेंटर ऐसे बड़े कंप्यूटिंग केंद्र होते हैं, जहां सर्वर, नेटवर्किंग उपकरण और डेटा स्टोरेज सिस्टम लगातार काम करते हैं। AI मॉडल को प्रशिक्षित करने और उनसे जवाब हासिल करने के लिए बहुत अधिक कंप्यूटिंग क्षमता की जरूरत पड़ती है। इसके कारण इन केंद्रों की बिजली खपत काफी अधिक हो सकती
WEF की रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि बिजली नियोजन और नियामकीय व्यवस्था में डेटा सेंटर की इस विशेष जरूरत को ध्यान में रखा जाए। AI से जुड़े काम के दौरान बिजली की मांग में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। यदि ग्रिड इस तरह के बदलाव के लिए तैयार न हो, तो बिजली आपूर्ति की स्थिरता प्रभावित हो सकती
WEF Report 2026: इसीलिए डेटा सेंटर संचालकों, बिजली कंपनियों और नियामकों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी बताया गया है। बिजली की मांग का पूर्वानुमान, उपलब्ध क्षमता और आपातकालीन व्यवस्था को डेटा सेंटर के संचालन से जोड़कर देखना होगा।
MENA क्षेत्र में बिजली और पानी की चुनौती
WEF Report 2026: मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका के देश AI और डिजिटल सेवाओं के वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी भूमिका बढ़ाना चाहते हैं। इस दिशा में सरकारें और निवेशक बड़े डेटा सेंटर तथा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर रहे
लेकिन क्षेत्र के कई हिस्सों में पहले से ही बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। गर्म मौसम के कारण कूलिंग की जरूरत अधिक रहती है, जबकि पानी की उपलब्धता भी कई देशों के लिए चुनौती है। डेटा सेंटर के सर्वर को सुरक्षित तापमान पर रखने के लिए कूलिंग सिस्टम जरूरी होते हैं, जिनमें तकनीक के अनुसार काफी बिजली और पानी खर्च हो सकता
WEF Report 2026: रिपोर्ट के अनुसार, यदि डेटा सेंटर का विस्तार बिजली और पानी की उपलब्धता को ध्यान में रखे बिना किया गया, तो इससे मौजूदा संसाधनों पर दबाव बढ़ सकता है। इसलिए नए केंद्रों के निर्माण से पहले ग्रिड की क्षमता, ऊर्जा के स्रोत, कूलिंग की जरूरत और पानी की उपलब्धता का आकलन करने पर जोर दिया गया
कूलिंग और ऊर्जा दक्षता पर भी ध्यान जरूरी
WEF Report 2026: AI डेटा सेंटर में केवल सर्वर चलाने के लिए ही बिजली नहीं चाहिए, बल्कि उपकरणों से पैदा होने वाली गर्मी को नियंत्रित करने के लिए भी ऊर्जा खर्च होती है। बड़े डेटा सेंटर में कूलिंग की दक्षता परिचालन लागत और पर्यावरणीय प्रभाव दोनों को प्रभावित कर सकती
WEF की रिपोर्ट में बेहतर डिजाइन, ऊर्जा-कुशल कूलिंग तकनीक और AI आधारित संचालन को महत्वपूर्ण बताया गया है। ऐसे सिस्टम बिजली की मांग का अनुमान लगाने, उपकरणों के प्रदर्शन पर नजर रखने और ऊर्जा के इस्तेमाल को अधिक प्रभावी बनाने में मदद कर सकते
WEF Report 2026: पानी की खपत घटाने के लिए भी वैकल्पिक कूलिंग तकनीकों और उपचारित पानी के इस्तेमाल जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, कौन-सी तकनीक उपयुक्त होगी, यह स्थानीय तापमान, पानी की उपलब्धता, बिजली की लागत और डेटा सेंटर की जरूरतों पर निर्भर करेगा।
बिजली ग्रिड और नियामकीय व्यवस्था में बदलाव की जरूरत
WEF Report 2026: रिपोर्ट का कहना है कि डेटा सेंटर के विकास को केवल तकनीकी या कारोबारी परियोजना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसके लिए बिजली, पानी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नियामकीय व्यवस्था के बीच समन्वित योजना की जरूरत
बिजली कंपनियों को डेटा सेंटर की संभावित मांग की समय रहते जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि ग्रिड विस्तार और बिजली आपूर्ति की व्यवस्था बनाई जा सके। वहीं, डेटा सेंटर संचालकों को भी ऊर्जा दक्षता, मांग प्रबंधन और आपातकालीन बिजली व्यवस्था पर ध्यान देना होगा।
WEF Report 2026: MENA क्षेत्र में नए डेटा सेंटर को ग्रिड से जोड़ने की प्रक्रिया कुछ परिपक्व बाजारों की तुलना में तेज हो सकती है। लेकिन तेज कनेक्शन का लाभ तभी स्थायी होगा, जब बिजली और पानी के संसाधनों पर पड़ने वाले प्रभाव को भी नियंत्रित किया जाए।
AI के आर्थिक लाभ के साथ संसाधनों का संतुलन जरूरी
WEF Report 2026: WEF की एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, AI से MENA क्षेत्र में 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक का आर्थिक और सतत विकास संबंधी मूल्य पैदा होने की संभावना है। हालांकि, इस संभावित लाभ को हासिल करने के लिए बिजली ग्रिड, पानी की आपूर्ति और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी उसी गति से विकसित करना होगा।
AI डेटा सेंटर नई निवेश संभावनाएं और डिजिटल सेवाओं का विस्तार कर सकते हैं, लेकिन इनके संचालन की लागत और संसाधनों की जरूरत भी बड़ी है। इसलिए सरकारों और कंपनियों के सामने चुनौती केवल अधिक डेटा सेंटर बनाना नहीं, बल्कि उन्हें भरोसेमंद और संसाधन-कुशल तरीके से चलाना
WEF Report 2026: निष्कर्ष: WEF की रिपोर्ट ने MENA देशों को AI डेटा सेंटर के विस्तार के साथ बिजली ग्रिड, कूलिंग और पानी की योजना को मजबूत करने की सलाह दी है। डेटा सेंटर को महत्वपूर्ण बिजली लोड मानकर उनकी जरूरतों का पहले से आकलन करना ग्रिड की स्थिरता और डिजिटल विकास के बीच संतुलन बनाने में मदद कर सकता