Donald Trump Secret Flight :- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर एक बेहद गोपनीय सुरक्षा अभियान का खुलासा हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार, जुलाई में तुर्किए से ब्रिटेन रवाना होते समय ट्रंप को संभावित ईरानी हमले के खतरे के कारण एयर फोर्स वन से गुप्त रूप से दूसरे सैन्य विमान में स्थानांतरित किया गया था। इस पूरे अभियान में आधिकारिक एयर फोर्स वन को कथित तौर पर डिकॉय विमान के रूप में इस्तेमाल किया गया।
एयर फोर्स वन से अचानक बदला गया विमान
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप तुर्किए की राजधानी अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद ब्रिटेन के लिए रवाना हो रहे थे। सार्वजनिक रूप से ऐसा दिखाया गया कि वह पुराने एयर फोर्स वन से ही यात्रा करेंगे, लेकिन पर्दे के पीछे उनकी सुरक्षा को लेकर एक अलग योजना तैयार की गई थी।
ट्रंप को एयर फोर्स वन से निकालकर एक छोटे सी-32ए सैन्य विमान में स्थानांतरित किया गया। बताया गया कि इस बदलाव को बेहद गोपनीय रखा गया और एयर फोर्स वन को उनके वास्तविक विमान की पहचान छिपाने के लिए डिकॉय के तौर पर इस्तेमाल किया गया।
कैटरिंग वाहन के जरिए किया गया गुप्त स्थानांतरण
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप को एयरपोर्ट के एक कैटरिंग वाहन की आड़ में एयर फोर्स वन से दूसरे विमान तक पहुंचाया गया। इस ऑपरेशन का उद्देश्य उनके वास्तविक विमान और यात्रा मार्ग की जानकारी को छिपाना था।
इसके बाद सी-32ए विमान अंकारा से ब्रिटेन के लिए रवाना हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों विमान कुछ ही मिनटों के अंतर से ब्रिटेन के आरएएफ मिल्डेनहॉल पहुंचे।
ईरानी खतरे के कारण बढ़ाई गई थी सुरक्षा
रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अमेरिकी अधिकारियों को ट्रंप की सुरक्षा को लेकर ईरान से जुड़े एक संभावित हत्या के खतरे की जानकारी मिली थी। इसी के बाद राष्ट्रपति की यात्रा को लेकर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए गए।
व्हाइट हाउस ने सुरक्षा व्यवस्था की पुष्टि करते हुए इसे उच्च स्तर के सुरक्षा उपायों का हिस्सा बताया है। हालांकि, पेंटागन ने इस विशेष अभियान के बारे में विस्तृत टिप्पणी नहीं की है।
क्यों इस्तेमाल किया गया डिकॉय विमान?
राष्ट्रपति की यात्रा की जानकारी सार्वजनिक होने पर संभावित हमलावरों के लिए उनके विमान की पहचान करना आसान हो सकता है। ऐसे में वास्तविक विमान की पहचान छिपाने के लिए डिकॉय विमान का इस्तेमाल सुरक्षा रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी दिखाया है कि ईरान से जुड़े सुरक्षा खतरे के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति की विदेश यात्राओं में किस स्तर की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था अपनाई जा रही है।