नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के यमुना बाजार स्थित प्रसिद्ध मरघट बाबा हनुमान मंदिर को अब भव्य धार्मिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। योजना के तहत मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र का विकास काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल लोक की तर्ज पर किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
जानकारी के अनुसार, कॉरिडोर निर्माण के लिए नगर निगम (एमसीडी) और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने स्थल निरीक्षण भी शुरू कर दिया है। परियोजना के तहत मंदिर तक पहुंचने वाले मार्गों को चौड़ा करने, भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
मरघट बाबा हनुमान मंदिर दिल्ली के सबसे प्राचीन और आस्था के प्रमुख केंद्रों में से एक माना जाता है। विशेष रूप से मंगलवार, शनिवार और हनुमान जयंती जैसे अवसरों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिससे आसपास के क्षेत्र में भारी भीड़ और यातायात दबाव देखने को मिलता है।
अधिकारियों का मानना है कि कॉरिडोर बनने के बाद श्रद्धालुओं को जाम और अव्यवस्था से राहत मिलेगी। साथ ही यमुना तट के आसपास के क्षेत्र को भी सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से विकसित किया जाएगा। यह योजना यमुना बाजार क्षेत्र को एक बड़े विरासत एवं पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकाल लोक जैसी परियोजनाओं ने धार्मिक पर्यटन को नई पहचान दी है। ऐसे में दिल्ली में मरघट बाबा हनुमान मंदिर कॉरिडोर बनने से न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नया प्रोत्साहन मिल सकता है।
यदि यह परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो मरघट बाबा हनुमान मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की श्रेणी में और अधिक प्रमुखता से उभर सकता है।