वाशिंगटन (अमेरिका):- अमेरिका और स्पेन के बीच ईरान युद्ध को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा स्पेन के साथ व्यापारिक संबंधों पर सख्त रुख अपनाने की चेतावनी के बाद स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने स्पष्ट कर दिया कि उनका देश किसी भी ऐसे सैन्य अभियान का हिस्सा नहीं बनेगा, जिससे क्षेत्रीय संघर्ष और बढ़े।
स्पेन सरकार ने दोहराया कि उसकी प्राथमिकता युद्ध नहीं, बल्कि कूटनीतिक समाधान और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान है। प्रधानमंत्री सांचेज़ ने कहा कि संघर्षों का समाधान सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि संवाद और शांति के रास्ते से निकाला जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्पेन अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेगा, चाहे इसके लिए आर्थिक या राजनीतिक दबाव का सामना ही क्यों न करना पड़े।
दूसरी ओर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पेन के रुख पर नाराज़गी जताते हुए दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों पर पुनर्विचार करने की चेतावनी दी। यह विवाद उस समय और गहरा गया जब स्पेन ने ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों के लिए अपनी संयुक्त सैन्य सुविधाओं के उपयोग को लेकर आपत्ति जताई।
विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम ने अमेरिका और उसके कुछ यूरोपीय सहयोगियों के बीच विदेश नीति को लेकर मतभेदों को उजागर कर दिया है। स्पेन लगातार मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को रोकने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की वकालत कर रहा है।
हालांकि दोनों देशों के बीच व्यापार और सुरक्षा सहयोग लंबे समय से मजबूत रहे हैं, लेकिन मौजूदा घटनाक्रम ने कूटनीतिक संबंधों में नई तल्खी पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों पक्ष बातचीत के जरिए इस विवाद को किस तरह सुलझाते हैं।