RTI Act नई दिल्ली:- भारत सरकार ने दो वर्षों के बाद डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम (DPDP) को अधिसूचित किया है जिससे व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार हुआ है। इस अधिनियम के तहत डेटा फिड्यूशियरी को व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे, जिसमें डेटा प्रोटेक्शन ऑफिसर की नियुक्ति और डेटा ब्रेच की सूचना देना शामिल है।
आरटीआई अधिनियम में संशोधन
DPDP अधिनियम ने आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(j) में संशोधन किया है जिससे सरकारी अधिकारियों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए अधिक अधिकार दिए गए हैं। इस संशोधन के तहत सरकारी अधिकारियों के व्यक्तिगत डेटा को सार्वजनिक करने से पहले सार्वजनिक हित की जांच की आवश्यकता नहीं होगी ³।
विरोध और समर्थन
इस संशोधन का विरोध करते हुए विपक्षी दलों और नागरिक समाज संगठनों ने कहा है कि यह संशोधन आरटीआई अधिनियम के मूल उद्देश्य को कमजोर करेगा और सरकारी अधिकारियों को जवाबदेह नहीं ठहराएगा। दूसरी ओर, सरकार ने कहा है कि यह संशोधन व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए आवश्यक है और आरटीआई अधिनियम के दुरुपयोग को रोकने में मदद करेगा।