लखनऊ (उत्तर प्रदेश):- पश्चिम बंगाल में मिली राजनीतिक सफलता से उत्साहित भाजपा अब पूरी ताकत के साथ उत्तर प्रदेश पर ध्यान केंद्रित कर रही है। पार्टी संगठन से लेकर सरकार तक बड़े बदलावों की तैयारी शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यूपी भाजपा संगठन और योगी सरकार के मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल देखने को मिल सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक भाजपा नेतृत्व उत्तर प्रदेश में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है। खास तौर पर पश्चिमी यूपी को इस बार कैबिनेट विस्तार में अधिक प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी का मानना है कि पश्चिमी यूपी आगामी चुनावों में बेहद अहम भूमिका निभा सकता है। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने हाल ही में यूपी के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकों का दौर शुरू किया है। संगठन में नई जिम्मेदारियां देने के साथ कुछ पुराने चेहरों को हटाने और नए नेताओं को आगे लाने की तैयारी चल रही है। पश्चिमी यूपी के जाट गुर्जर दलित और पिछड़े वर्ग के नेताओं को प्रमुखता देने पर विशेष चर्चा हो रही है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि भाजपा बंगाल में मिले सकारात्मक माहौल को उत्तर प्रदेश में भी भुनाना चाहती है। इसी वजह से पार्टी संगठन को ज्यादा आक्रामक और चुनावी मोड में लाने की रणनीति तैयार की जा रही है। कैबिनेट विस्तार के जरिए क्षेत्रीय असंतोष कम करने और नए सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश भी की जाएगी। बताया जा रहा है कि योगी सरकार के मंत्रिमंडल में कुछ नए चेहरों की एंट्री हो सकती है जबकि कुछ मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव संभव है। पश्चिमी यूपी से कई विधायकों और नेताओं के नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं।
फिलहाल भाजपा की पूरी कोशिश उत्तर प्रदेश में संगठन और सरकार दोनों स्तर पर मजबूत संदेश देने की है ताकि आगामी चुनावों से पहले पार्टी का जनाधार और ज्यादा मजबूत किया जा सके।