अमृतसर (पंजाब):- पंजाब के अमृतसर में मजीठा थाना विवाद और प्रदर्शन मामले को लेकर पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले में कार्रवाई करते हुए अमृतसर पुलिस ने 12 विशेष जांच टीमें (SIT जैसी विशेष फील्ड टीमें) गठित की हैं, जो प्रदर्शन, हंगामे और कानून-व्यवस्था से जुड़े घटनाक्रम की अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच के तहत पुलिस ने पूर्व मंत्री के विभिन्न ठिकानों पर भी दबिश दी है। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई मामले से जुड़े तथ्यों और संभावित आरोपितों की तलाश के लिए की गई। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी बड़ी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक मजीठा थाना क्षेत्र में हुए प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति भी बनी थी। इसके बाद प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया। पुलिस अब मौके के वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया सामग्री की भी जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों से जुटाए गए डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान की जा रही है। इसके लिए साइबर और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद भी ली जा रही है। पुलिस का दावा है कि कानून-व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं शिरोमणि अकाली दल ने पुलिस की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है और पुलिस का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में और जांच के आधार पर की जा रही है।
मामले को लेकर पंजाब की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मामले का असर आने वाले दिनों में राज्य की सियासत पर भी देखने को मिल सकता है। फिलहाल पुलिस की 12 विशेष टीमें लगातार छापेमारी और जांच में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।