नई दिल्ली। देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और अब तक 12 राज्यों में अपनी दस्तक दे चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ कई राज्यों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई है, जबकि राजस्थान के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की भी खबर है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, मानसून के आगे बढ़ने से मध्य और पूर्वी भारत के कई क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। वहीं मध्य प्रदेश में भी बादल छाने और वर्षा होने से मौसम सुहावना हो गया है।
राजस्थान के कुछ इलाकों में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए तेज आंधी और ओलावृष्टि का रूप ले लिया। किसानों और स्थानीय प्रशासन की नजर फसलों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव पर बनी हुई है। हालांकि कई क्षेत्रों में बारिश से तापमान में कमी आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
इसके विपरीत राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर के लोगों को अभी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने और लू चलने की संभावना जताई है। विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून को दिल्ली-एनसीआर तक पहुंचने में अभी कुछ समय लग सकता है, जिसके चलते गर्म हवाओं का असर बना रह सकता है।
मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना व्यक्त की है। विशेष रूप से पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में वर्षा गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की प्रगति सामान्य बनी हुई है और आने वाले दिनों में यह उत्तर भारत के और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। इसके साथ ही कृषि गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई के लिए मानसूनी वर्षा बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है। वहीं किसानों को भी स्थानीय मौसम विभाग द्वारा जारी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।