NEET री-एग्जाम से पहले Telegram को झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने बैन हटाने से किया इनकार

 

नई दिल्ली। NEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram को बड़ा झटका लगा है। Delhi High Court ने केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है और फिलहाल किसी भी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया है।

 

न्यायमूर्ति Tejas Karia की एकल पीठ ने केंद्र सरकार के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा को देखते हुए उठाए गए कदम में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं बनता है।

 

केंद्र सरकार ने NEET UG 2026 री-एग्जाम को ध्यान में रखते हुए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत Telegram पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश जारी किया था। सरकार का तर्क था कि परीक्षा से जुड़े पेपर लीक, अफवाहों और अनुचित गतिविधियों को रोकने के लिए यह कदम आवश्यक है।

 

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रतिबंध सीमित अवधि के लिए लगाया गया है और यह 22 जून तक प्रभावी रहेगा। ऐसे में सार्वजनिक हित और परीक्षा की पारदर्शिता को प्राथमिकता देना आवश्यक है।

 

इस फैसले के बाद Telegram की ओर से दायर चुनौती खारिज हो गई है और प्लेटफॉर्म को तत्काल कोई राहत नहीं मिली है। वहीं, सरकार ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

 

मुख्य बिंदु:

 

🔹 दिल्ली हाईकोर्ट ने Telegram की याचिका खारिज की

🔹 NEET UG 2026 री-एग्जाम के मद्देनजर लगाया गया था प्रतिबंध

🔹 धारा 69A के तहत केंद्र सरकार ने जारी किया था आदेश

🔹 22 जून तक जारी रहेगा अस्थायी बैन

🔹 कोर्ट ने परीक्षा की निष्पक्षता को बताया सर्वोपरि

 

NEET री-एग्जाम से पहले आए इस फैसले को परीक्षा सुरक्षा और डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही से जुड़े एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।

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