मुंबई (महाराष्ट्र):- महाराष्ट्र की राजनीति में एक सामान्य विमान यात्रा अब नए राजनीतिक विवाद का कारण बन गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के उस बयान का जवाब दिया है, जिसमें ठाकरे ने दावा किया था कि मुंबई से नागपुर की उड़ान के दौरान फडणवीस उन्हें “बेबस” नजर आए थे। मुख्यमंत्री ने इस दावे को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि उड़ान के पूरे समय वे अपने मोबाइल पर पहले से डाउनलोड की गई फिल्म या वेब सीरीज देखने में व्यस्त थे।
फडणवीस ने स्पष्ट किया कि विमान में उनका पूरा ध्यान मनोरंजन सामग्री देखने पर था और उन्होंने किसी भी तरह की राजनीतिक चर्चा या गतिविधि में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि जब वे लगातार स्क्रीन पर फिल्म देख रहे थे, तब उनके चेहरे पर बेबसी देखने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि आखिर किस आधार पर ऐसे निष्कर्ष निकाले जा रहे हैं।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब उद्धव ठाकरे ने एक कार्यक्रम में कहा कि विमान यात्रा के दौरान फडणवीस के चेहरे पर उन्हें असहायता दिखाई दी। ठाकरे ने यह भी संकेत दिया कि भाजपा के भीतर फडणवीस की राजनीतिक स्थिति पहले जैसी मजबूत नहीं रही और इसी वजह से वे दबाव में दिखाई दे रहे थे।
मुख्यमंत्री ने इन आरोपों को राजनीतिक कल्पना करार देते हुए कहा कि एक ही विमान में यात्रा करना कोई असामान्य घटना नहीं है। अलग-अलग सीटों पर बैठे दो नेताओं के बीच किसी प्रकार का राजनीतिक संदेश तलाशना केवल अटकलों को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि यदि दोनों साथ बैठे होते तो सामान्य बातचीत भी हो सकती थी, लेकिन इससे किसी राजनीतिक समीकरण का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
इस पूरे घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। हाल के दिनों में राज्य की सियासत पहले से ही दल-बदल, गठबंधन और नेतृत्व को लेकर चर्चाओं के केंद्र में रही है। ऐसे माहौल में दोनों नेताओं की एक ही विमान में मौजूदगी को लेकर तरह-तरह के राजनीतिक कयास लगाए गए, जिन्हें भाजपा नेताओं ने महज संयोग बताया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी का दौर और तेज हो सकता है। फिलहाल मुख्यमंत्री फडणवीस ने साफ कर दिया है कि उड़ान के दौरान वे किसी राजनीतिक चिंता में नहीं, बल्कि अपने मोबाइल पर फिल्म देखने में पूरी तरह व्यस्त थे और उनके चेहरे पर बेबसी देखने का दावा केवल राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा है।