Allahabad High Court (प्रयागराज):- बरेली में ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद के बाद हुई हिंसा के मास्टरमाइंड बताए जा रहे इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है और टिप्पणी की है कि ‘सर तन से जुदा’ जैसा नारा अभिव्यक्ति की आजादी नहीं, बल्कि कानून के शासन और भारत की संप्रभुता को सीधी चुनौती है।

जस्टिस समीर जैन की सिंगल बेंच ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए कहा कि इस नारे की तुलना जय श्री राम’ से कतई नहीं की जा सकती। कोर्ट ने कहा, जय श्री राम आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है, जबकि ‘सर तन से जुदा हिंसा को भड़काने और डराने वाला नारा है। एक नारा लोगों को जोड़ता है, दूसरा सिर काटने की धमकी देता है।
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Allahabad High Court: क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 26 सितंबर को बरेली में जुमे की नमाज के बाद मौलाना तौकीर रजा के आह्वान पर हजारों की भीड़ ने ‘आई लव मोहम्मद’ के पोस्टर विवाद को लेकर प्रदर्शन किया था। आरोप है कि इस दौरान भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इसी मामले में बरेली पुलिस ने मौलाना को मुख्य साजिशकर्ता बनाते हुए गिरफ्तार किया था। निचली अदालत से जमानत न मिलने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया था।

Allahabad High Court: कोर्ट ने क्या-क्या कहा?
कोर्ट ने अपने 18 पन्नों के आदेश में बहुत सख्त टिप्पणियां की हैं और कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता कोई आम व्यक्ति नहीं, बल्कि एक धर्मगुरु है, जिसके लाखों अनुयायी हैं। उसकी जिम्मेदारी ज्यादा है।’सर तन से जुदा’ का नारा सुनने के बाद भीड़ हिंसक हो जाती है, यह देश में कई घटनाओं में देखा गया है। यह कानून-व्यवस्था के लिए खतरा है।भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, यहां सभी धर्मों को अपनी बात कहने का हक है, लेकिन दूसरे को धमकाने का नहीं।अगर ऐसे नारों को इजाजत दी गई तो देश में अराजकता फैल जाएगी।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि बरेली जैसी हिंसा सुनियोजित लगती है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करके भीड़ को बुलाना और फिर पथराव कराना, यह अभिव्यक्ति की आजादी में नहीं आता।मौलाना के वकील ने दलील दी थी कि ‘सर तन से जुदा’ की तुलना ‘जय श्री राम’ से हो रही है, दोनों धार्मिक नारे हैं। इस पर कोर्ट ने साफ कहा कि दोनों में जमीन-आसमान का अंतर है। एक नारा हिंसा की धमकी है और दूसरा धार्मिक जयघोष।
इस फैसले के बाद अब मौलाना तौकीर रजा को सुप्रीम कोर्ट जाना होगा। वहीं, बरेली पुलिस ने इस आदेश का स्वागत किया है। एसएसपी बरेली ने कहा कि कोर्ट के आदेश से पुलिस का मनोबल बढ़ा है।