Balika Shiksha:- शिक्षक सम्मान से दोगुना हुआ उत्साह, जालौन में बोले प्रबंधक – बालिका शिक्षा हमारी प्राथमिकता

Balika Shiksha (जालौन):- गुरु बिन ज्ञान नहीं, और ज्ञान बिन सम्मान नहीं। इसी भाव को चरितार्थ करते हुए जालौन के प्रतिष्ठित जालौन बालिका इंटर कॉलेज में एक भव्य शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा की अलख जगा रहे गुरुजनों को पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ नमन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत बेहद गरिमामय माहौल में हुई। मुख्य अतिथियों ने मां सरस्वती, जो ज्ञान की देवी हैं और भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर और माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूरे परिसर में एक अलग ही ऊर्जा का संचार हो गया।

Balika Shiksha: गुरुजनों का हुआ भव्य अभिनंदन

समारोह के मुख्य आकर्षण में प्रबंध समिति के पदाधिकारियों द्वारा शिक्षक-शिक्षिकाओं का सम्मान रहा। प्रबंध समिति के अध्यक्ष रामराजा निरंजन, प्रबंधक बृजेश सिंहल ‘मधु’, उपाध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी, उपप्रबंधक दीपक मित्तल और कोषाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने सभी शिक्षकों को माथे पर मंगल तिलक लगाकर, शाल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान पाकर शिक्षकों के चेहरे पर गर्व और उत्साह साफ झलक रहा था।

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इस अवसर पर केवल वर्तमान शिक्षकों को ही नहीं, बल्कि शिक्षा जगत को अपना पूरा जीवन देने वाले सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. धर्मेंद्र मिश्रा, वर्तमान प्रधानाचार्य अनिल याज्ञिक और विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित डॉ. वेदप्रकाश शर्मा को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा सभागार गूंज उठा।

Balika Shiksha: बालिका शिक्षा पर जोर

अपने संबोधन में प्रबंधक बृजेश सिंहल ‘मधु’ ने कहा कि हमारी प्रबंध समिति का एक ही लक्ष्य है – बालिका शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक ले जाना। उन्होंने कहा कि बेटियां शिक्षित होंगी तो दो परिवार शिक्षित होंगे और समाज मजबूत होगा। हम संसाधनों की कमी को कभी भी बेटियों की शिक्षा में बाधा नहीं बनने देंगे। उन्होंने सभी शिक्षकों से भी आह्वान किया कि वे बालिकाओं को सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि संस्कार और आत्मनिर्भरता की शिक्षा भी दें।

सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. धर्मेंद्र मिश्रा ने अपने उद्बोधन में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन ने कहा था कि सच्चा शिक्षक वह है जो किताबों से आगे सोचने की प्रेरणा दे। आज के दौर में शिक्षक की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

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Balika Shiksha: शैक्षिक माहौल को बेहतर बनाने का संकल्प

विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. उमादेवी वर्मा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान हमारा उत्साह दोगुना कर देता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विद्यालय परिवार बालिकाओं के लिए एक सुरक्षित, अनुशासित और प्रेरणादायक शैक्षिक वातावरण बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अंत में कार्यक्रम का सफल संचालन पवन कुमार अग्रवाल ने किया और सभी ने राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया।

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