Xi Jinping India Visit (नई दिल्ली):- 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर नई दिल्ली में कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के भारत दौरे को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। शी चिनफिंग के साथ चीन का 67 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आ रहा है। इस प्रतिनिधिमंडल में चीन के विदेश मंत्री और शी के करीबी माने जाने वाले वांग यी भी शामिल हैं। ऐसे में शी चिनफिंग की यात्रा को भारत-चीन संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
चीन का यह बड़ा प्रतिनिधिमंडल ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान होने वाली विभिन्न बैठकों और द्विपक्षीय चर्चाओं में हिस्सा लेगा। भारत में आयोजित होने वाले इस शिखर सम्मेलन में दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग, वैश्विक व्यापार, आर्थिक विकास और बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
BRICS Summit 2026: BRICS समिट से कितना फायदा? कांग्रेस नेताओं के बयानों ने बढ़ाई हलचल
Xi Jinping India Visit: शी चिनफिंग के दौरे पर क्यों है खास नजर?
शी चिनफिंग की भारत यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब भारत और चीन के रिश्तों में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। सीमा से जुड़े मुद्दों और द्विपक्षीय संबंधों में तनाव के बीच दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच होने वाली बातचीत को खास महत्व दिया जा रहा है।
शी के साथ वांग यी की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वांग यी भारत-चीन संबंधों से जुड़े मामलों में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं और दोनों देशों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने में उनकी अहम भूमिका रही है। ऐसे में प्रतिनिधिमंडल में उनका शामिल होना संभावित उच्चस्तरीय वार्ता के महत्व को दर्शाता है।
Xi Jinping India Visit: ब्रिक्स मंच पर भारत-चीन की मुलाकात
भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और नई दिल्ली में होने वाला 18वां शिखर सम्मेलन वैश्विक स्तर पर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्मेलन में शी चिनफिंग की मौजूदगी से भारत और चीन के बीच संभावित द्विपक्षीय बातचीत की उम्मीद भी बढ़ गई है।
दोनों देशों के बीच व्यापार, सीमा स्थिति, आपसी संपर्क और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दे चर्चा में आ सकते हैं। हालांकि, किसी भी संभावित समझौते या बड़े फैसले को लेकर फिलहाल आधिकारिक तौर पर कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है।
Xi Jinping India Visit: 67 सदस्यीय दल से बढ़ी कूटनीतिक हलचल
शी चिनफिंग के साथ इतने बड़े प्रतिनिधिमंडल का भारत आना सम्मेलन के महत्व को भी रेखांकित करता है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत और चीन के शीर्ष नेताओं के बीच क्या बातचीत होती है और इससे दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा मिलती है या नहीं।
शी चिनफिंग की यात्रा और उनके साथ आए 67 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के चलते दिल्ली में होने वाला ब्रिक्स सम्मेलन कूटनीतिक दृष्टि से और भी महत्वपूर्ण हो गया है।