Harish Rawat (देहरादून):- उत्तराखंड की राजनीति में हरीश रावत उन नेताओं में गिने जाते हैं, जिन्होंने पहाड़ की राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। 27 अप्रैल 1948 को अल्मोड़ा जिले में जन्मे हरीश रावत ने कांग्रेस के साथ अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की और लंबे समय तक पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे। वह 2014 से 2017 तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे।
Harish Rawat छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर
हरीश रावत का राजनीतिक सफर छात्र जीवन से ही शुरू हो गया था। उन्होंने अल्मोड़ा से अपनी शुरुआती राजनीतिक पहचान बनाई और वर्ष 1980 में पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए। इसके बाद उन्होंने लगातार सक्रिय राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत की। वह पांच बार सांसद रहे और उत्तराखंड की राजनीति में कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में उनकी गिनती होने लगी।
Harish Rawat केंद्र सरकार में भी संभाली अहम जिम्मेदारी
हरीश रावत ने केंद्र की कांग्रेस सरकार में भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। 2009 में वह हरिद्वार लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार में श्रम एवं रोजगार, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण तथा संसदीय कार्य से जुड़े मंत्रालयों में राज्य मंत्री के रूप में काम किया। वर्ष 2012 में उन्हें जल संसाधन मंत्री बनाया गया।
Harish Rawat 2014 में बने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री
वर्ष 2014 में हरीश रावत ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। उनके कार्यकाल के दौरान राज्य की राजनीति में कई बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिले। 2016 में उनकी सरकार राजनीतिक संकट में भी घिरी, जिसके बाद राष्ट्रपति शासन लगा। हालांकि बाद में उन्होंने सत्ता में वापसी की। 2017 तक वह मुख्यमंत्री पद पर रहे।
हरीश रावत की पहचान उत्तराखंड के ऐसे वरिष्ठ कांग्रेस नेता के तौर पर रही है, जिन्होंने राज्य की राजनीति के साथ-साथ केंद्र में भी लंबी पारी खेली। उनकी राजनीतिक शैली और पहाड़ से जुड़े मुद्दों पर सक्रियता ने उन्हें उत्तराखंड की सियासत में एक अलग पहचान दिलाई।