बैंक फ्रॉड:- जालौन में बुजुर्ग महिला के बैंक खाते से लाखों रुपये निकाले जाने का आरोप
बैंक फ्रॉड (जालौन):- कुठौन्दा बुजुर्ग गांव की एक बुजुर्ग, निरक्षर और निसंतान महिला ने गांव के ही एक व्यक्ति पर विश्वास का फायदा उठाकर उसके बैंक खाते से करीब 2.95 लाख रुपये निकालने का आरोप लगाया है। महिला ने कोतवाली जालौन में प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कराने, रिपोर्ट दर्ज करने और दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता रामकुँवर पत्नी स्वर्गीय सीताराम के अनुसार जालौन स्थित इलाहाबाद बैंक, जो अब इंडियन बैंक के नाम से संचालित है, में उनका बचत खाता है। वह अपनी भैंस-बकरी आदि पशुओं की बिक्री से प्राप्त रकम को बैंक खाते में जमा करती थीं। परिवार में बैंक संबंधी कामकाज देखने वाला कोई सदस्य नहीं होने और अधिक उम्र के कारण कम दिखाई देने की समस्या के चलते वह गांव के रंजीत सिंह उर्फ लला पुत्र जगपाल सिंह की मोटरसाइकिल से बैंक आती-जाती थीं।
महिला का आरोप है कि उनकी बैंक पासबुक भी रंजीत सिंह के पास रहती थी। उन्होंने बताया कि आरोपी ने उन्हें यह कहकर भरोसे में लिया कि बैंक खाता चालू रखने के लिए समय-समय पर उसमें जमा और निकासी करना जरूरी है। निरक्षर होने के कारण वह बैंक के कागजात को समझ नहीं पाती थीं और उसके कहने पर अंगूठा लगा देती थीं।
पीड़िता के मुताबिक कई मौकों पर बैंक से रकम निकालने के बाद उसे पैसे दिए बिना ही घर वापस भेज दिया जाता था। प्रार्थना पत्र में अलग-अलग तारीखों पर खाते से 40 हजार, 20 हजार, 20 हजार, 20 हजार, 20 हजार, 49 हजार, 49 हजार, 20 हजार, 40 हजार और 30 हजार रुपये की निकासी का उल्लेख किया गया है। महिला का कहना है कि उसे इन लेन-देन की वास्तविक जानकारी नहीं थी।
बैंक फ्रॉड:- दवा के लिए पैसे की जरूरत पड़ी तो सामने आया मामला
पीड़िता के अनुसार 15 सितंबर 2026 को बुखार आने पर उसे दवा के लिए पैसों की जरूरत पड़ी। इसके बाद उसने रंजीत सिंह से अपनी पासबुक ली और अपने भतीजों के साथ बैंक पहुंचकर खाते की जानकारी ली। बैंक में पता चला कि खाते में केवल 9,287 रुपये शेष थे।
इसके बाद महिला ने कथित तौर पर रंजीत सिंह के घर पहुंचकर खाते से निकाली गई रकम के बारे में जानकारी मांगी। पीड़िता का आरोप है कि उसे देखकर वह वहां से चला गया। महिला ने उसके परिजनों पर भी मामले को टालने और धमकी देने का आरोप लगाया है।
पीड़िता ने पुलिस से बैंक खाते की सभी निकासी और संबंधित दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट दर्ज करने तथा यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है। मामले में पुलिस की जांच और बैंक रिकॉर्ड से ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।