PM Modi (नई दिल्ली):- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 19 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में पर्यावरण और जलवायु से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। ‘द फ्यूचर ऑफ एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट डायनेमिक्स’ नाम से आयोजित यह दो दिवसीय सम्मेलन 19 और 20 सितंबर को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में भारत समेत कई देशों के न्यायिक प्रतिनिधि, पर्यावरण विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।
PM Modi:- सम्मेलन का फोकस तेजी से बदलते पर्यावरणीय परिदृश्य, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय शासन से जुड़ी चुनौतियों पर है। आयोजन के माध्यम से विभिन्न देशों के न्यायिक और प्रशासनिक अनुभवों को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कानूनों, नीतियों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर संवाद को मजबूत करना है।

PM Modi: 17 देशों के न्यायिक प्रतिनिधियों की भागीदारी
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 17 देशों के न्यायिक प्रतिनिधि और प्रमुख न्यायाधीश हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा भारत के सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाई कोर्ट के न्यायाधीश, जिला न्यायपालिका के प्रतिनिधि, पर्यावरण विशेषज्ञ तथा केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हैं।
सम्मेलन में राज्य न्यायिक अकादमियों, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों, राज्य विशेषज्ञ मूल्यांकन समितियों (SEACs), राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरणों (SEIAAs) और राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरणों के प्रतिनिधियों की भी भागीदारी है। इससे पर्यावरण से जुड़े न्यायिक, वैज्ञानिक और प्रशासनिक पहलुओं पर व्यापक चर्चा का अवसर मिल रहा है।
PM Modi: जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय शासन पर चर्चा
आज जलवायु परिवर्तन का असर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई दे रहा है। बढ़ते तापमान, बदलते मौसम, जैव विविधता में बदलाव और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव जैसे मुद्दे पर्यावरणीय नीति के लिए नई चुनौतियां पैदा कर रहे हैं। ऐसे समय में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कानूनों और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा महत्वपूर्ण हो जाती है।
सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन और लचीलापन, सर्कुलर इकोनॉमी, जैव विविधता एवं पारिस्थितिकी तंत्र सेवाएं और टिकाऊ ऊर्जा समाधान जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। विशेषज्ञ इन क्षेत्रों में सामने आ रही चुनौतियों और संभावित संस्थागत समाधानों पर अपने विचार साझा कर रहे हैं।
PM Modi: नीति से लेकर न्याय व्यवस्था तक पर मंथन
कार्यक्रम का एक अहम पहलू पर्यावरणीय नीतियों और उनके जमीनी क्रियान्वयन के बीच बेहतर तालमेल पर चर्चा है। पर्यावरण से जुड़े मामलों में वैज्ञानिक तथ्यों, कानूनी प्रावधानों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में विभिन्न संस्थानों के बीच समन्वय को मजबूत करना सम्मेलन के प्रमुख विषयों में शामिल है।
अलग-अलग देशों से आए न्यायिक प्रतिनिधियों के अनुभवों के आदान-प्रदान से पर्यावरण संबंधी मामलों में वैश्विक स्तर पर अपनाए जा रहे दृष्टिकोणों को समझने का अवसर मिल रहा है। सम्मेलन में पर्यावरणीय विवादों के समाधान, नीतियों के अनुपालन और पर्यावरण संरक्षण के लिए संस्थागत क्षमता बढ़ाने जैसे विषयों पर भी चर्चा हो रही है।
PM Modi: पर्यावरण के भविष्य पर वैश्विक संवाद
राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा आयोजित यह सम्मेलन पर्यावरण और जलवायु से जुड़े मुद्दों पर कानून, विज्ञान, नीति और न्यायपालिका के बीच संवाद का मंच उपलब्ध करा रहा है। दो दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में भारत और अन्य देशों के प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे और पर्यावरणीय शासन को अधिक प्रभावी बनाने के संभावित उपायों पर विचार करेंगे।
इस सम्मेलन के जरिए पर्यावरण संरक्षण को लेकर वैश्विक सहयोग और संस्थागत संवाद को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। बदलती जलवायु परिस्थितियों के बीच पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक समझ, प्रभावी नीतियों और मजबूत कानूनी व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी चर्चा हो रही है।
कुल मिलाकर, दिल्ली में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर भारत और दुनिया के विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों को एक साझा मंच प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सम्मेलन का उद्घाटन इस आयोजन की शुरुआत का प्रमुख आकर्षण रहा।