Amitabh Jhunjhunwala (नई दिल्ली):- रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी अमिताभ झुनझुनवाला की जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। झुनझुनवाला ने चिकित्सीय आधार पर जमानत की मांग की है। मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस मधु जैन की पीठ ने फैसला सुरक्षित रखा। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक आदेश शाम 4 बजे के लिए निर्धारित किया गया था।
Amitabh Jhunjhunwala: मेडिकल ग्राउंड पर मांगी गई है जमानत
अमिताभ झुनझुनवाला की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी और रेबेका जॉन ने अदालत में दलीलें रखीं। बचाव पक्ष ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि जेल में रहने के दौरान उन्हें हृदय संबंधी समस्या हुई थी। उनके वकीलों ने अदालत के समक्ष मेडिकल दस्तावेज भी पेश किए।
बचाव पक्ष के अनुसार, झुनझुनवाला की उम्र करीब 70 वर्ष है और उन्हें हृदय संबंधी समस्याओं के अलावा ऑर्थोपेडिक और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हैं। उनके वकीलों ने कहा कि मेडिकल आधार पर उन्हें जमानत दिए जाने पर विचार किया जाना चाहिए।
Amitabh Jhunjhunwala:ED ने जमानत का किया विरोध
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जमानत याचिका का विरोध किया। एजेंसी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जोहेब हुसैन ने कहा कि झुनझुनवाला को गिरफ्तारी के बाद लगातार चिकित्सा सुविधा और विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया गया है। ED ने उनके स्वास्थ्य संबंधी दावों और कुछ निजी अस्पतालों की रिपोर्ट के बीच अंतर होने की बात भी अदालत के सामने रखी।
ED का कहना है कि मामले की जांच में कथित वित्तीय अनियमितताओं और फंड डायवर्जन से जुड़े कई पहलू सामने आए हैं। एजेंसी के मुताबिक, जांच अभी जारी है।
Amitabh Jhunjhunwala: ट्रायल कोर्ट पहले खारिज कर चुका है जमानत
झुनझुनवाला की पिछली जमानत अर्जी राउज एवेन्यू कोर्ट ने 5 सितंबर को खारिज कर दी थी। ट्रायल कोर्ट ने गवाहों को प्रभावित करने और सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका को ध्यान में रखते हुए राहत देने से इनकार किया था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया।
हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में बचाव पक्ष ने मुख्य रूप से मेडिकल आधार पर राहत की मांग की है। इससे पहले 16 सितंबर को हाईकोर्ट ने ED से मामले की स्थिति रिपोर्ट मांगी थी और मंगलवार को इस पर आगे सुनवाई हुई।
Amitabh Jhunjhunwala: क्या है RHFL-RCFL मामला?
ED ने बताया है कि RHFL और RCFL से जुड़े मामले में सार्वजनिक धन के कथित डायवर्जन की जांच की जा रही है। एजेंसी के मार्च 2026 के बयान के अनुसार, इन कंपनियों द्वारा बैंकों और वित्तीय संस्थानों से जुटाई गई बड़ी रकम में से 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि NPA में बदल गई थी। ED का आरोप है कि सार्वजनिक धन को विभिन्न रिलायंस समूह की कंपनियों तक पहुंचाने के लिए कई कथित शेल या डमी संस्थाओं का इस्तेमाल किया गया। एजेंसी ने यह भी कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है।
वहीं, जुलाई 2026 में PIB द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, CBI ने रिलायंस समूह से जुड़े अलग-अलग मामलों में कई FIR दर्ज की हैं। अमिताभ झुनझुनवाला समेत कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए जाने की जानकारी भी दी गई है।
अब सभी की नजर दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश पर है, जिसमें यह तय होगा कि मेडिकल आधार पर अमिताभ झुनझुनवाला को जमानत दी जाती है या उनकी याचिका खारिज होती है। फिलहाल अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा है।