Iran US conflict: ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी पर अमेरिका के आरोप से भड़का ईरान, प्रवक्ता ने नाजी जर्मनी से की तुलना

Iran US conflict: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बघई ने अमेरिका के उस रुख पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक ऊर्जा संकट के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। बघई ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अमेरिकी दावे को खारिज करते हुए कहा कि मौजूदा संकट के लिए जिम्मेदार पक्ष ईरान नहीं है।

ईरान ने अमेरिका पर लगाए आरोप

एस्माइल बघई ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों द्वारा ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के लिए ईरान को जिम्मेदार बताना वास्तविक घटनाक्रम से ध्यान हटाने की कोशिश है। उनके अनुसार, मौजूदा संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात में व्यवधान के पीछे अमेरिकी कार्रवाई की भूमिका है।

बघई ने अपने बयान में कहा कि लोगों को यह याद रखना चाहिए कि संघर्ष की शुरुआत किसने की और किन कार्रवाइयों के कारण मौजूदा संकट पैदा हुआ। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने और वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने का भी उल्लेख किया।

Iran US conflict: हिटलर और 1939 का दिया उदाहरण

ईरानी प्रवक्ता ने अमेरिकी दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए 1939 में नाजी जर्मनी द्वारा पोलैंड पर किए गए आक्रमण का उदाहरण दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह उस समय आक्रमण को रक्षात्मक कार्रवाई के रूप में प्रस्तुत किया गया था, उसी तरह मौजूदा संकट की जिम्मेदारी ईरान पर डालने की कोशिश की जा रही है।

यह तुलना बघई के अपने बयान का हिस्सा है और इसे ईरानी सरकार की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए।

होर्मुज संकट से प्रभावित हो रहा समुद्री व्यापार

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले समुद्री यातायात पर भी पड़ा है। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है। समुद्री आवाजाही में व्यवधान की वजह से ईंधन बाजारों और वैश्विक सप्लाई चेन पर चिंता बढ़ी है। एस्माइल बघई ने भी अपने बयान में वाणिज्यिक शिपिंग में आए व्यवधान को मौजूदा संकट से जोड़ा।

वहीं, क्षेत्रीय देशों के संगठन Gulf Cooperation Council (GCC) ने भी ईरान और उससे जुड़े समूहों से क्षेत्रीय हमले रोकने तथा महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर मुक्त आवागमन सुनिश्चित करने की अपील की है।

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Iran US conflict: संयुक्त राष्ट्र महासभा के बीच बढ़ी कूटनीतिक हलचल

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन 81वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी संयुक्त राष्ट्र महासभा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ईरान का पक्ष रखने और वैश्विक स्तर पर भरोसा बहाल करने की दिशा में चर्चा का अवसर बताया है।

फिलहाल ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान को लेकर अमेरिका और ईरान के दावे एक-दूसरे से अलग हैं। ऐसे में दोनों पक्षों के आधिकारिक बयानों के बीच वास्तविक स्थिति और आगे की कूटनीतिक प्रक्रिया पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।

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