Vande Mataram Row: वंदे मातरम की दो पंक्तियां गाने के आदेश पर कर्नाटक के राज्यपाल ने जताई आपत्ति, सरकार से पुनर्विचार की अपील

Vande Mataram Row: कर्नाटक में वंदे मातरम के गायन को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को पत्र लिखकर राज्य सरकार के उस आदेश पर पुनर्विचार करने को कहा है, जिसमें सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत की केवल पहली दो पंक्तियां गाने का निर्देश दिया गया है। राज्यपाल ने केंद्र सरकार के मौजूदा निर्देशों और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुए सरकार से मामले पर दोबारा विचार करने की सलाह दी है।

8 सितंबर को जारी हुआ था आदेश

रिपोर्ट के मुताबिक, कर्नाटक सरकार ने 8 सितंबर को आदेश जारी कर सरकारी कार्यक्रमों और आधिकारिक समारोहों में वंदे मातरम की पहली दो पंक्तियां गाने या बजाने का निर्देश दिया था। हालांकि, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों में केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार पूरा संस्करण प्रस्तुत करने की बात कही गई थी।

राज्य सरकार के इस फैसले के बाद कर्नाटक में राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान भी इस मुद्दे को लेकर भाजपा विधायकों ने आपत्ति जताई और आधिकारिक प्रस्तुति समाप्त होने के बाद वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाया।

Vande Mataram Row: राज्यपाल ने संवैधानिक अधिकारों पर उठाया सवाल

राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 21 सितंबर को मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा कि राज्य सरकार को यह देखना चाहिए कि क्या संविधान के तहत उसे केंद्र द्वारा निर्धारित आधिकारिक संस्करण से अलग संस्करण तय करने का कार्यकारी अधिकार है।

राज्यपाल ने केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से जारी वंदे मातरम और राष्ट्रगान से संबंधित निर्देशों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, केंद्र के मौजूदा प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार को अपने 8 सितंबर के आदेश पर पुनर्विचार करना चाहिए।

हाई कोर्ट में भी पहुंचा मामला

वंदे मातरम को दो पंक्तियों तक सीमित करने का राज्य सरकार का आदेश कर्नाटक हाई कोर्ट में भी चुनौती के अधीन है। याचिका में सवाल उठाया गया है कि क्या राज्य सरकार को सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के गायन का संस्करण निर्धारित करने का अधिकार है।

इस बीच, विधानसभा में हुए विवाद के बाद यह मुद्दा राज्य की राजनीति में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि सामान्य सरकारी कार्यक्रमों में दो पंक्तियां गाई जाएंगी, जबकि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल जैसे संवैधानिक पदाधिकारियों की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों में केंद्र के निर्देशों का पालन किया जाएगा।

Sonbhadra News: सोनभद्र में राजस्व कर्मियों का हल्ला बोल, 25 हल्का, 131 गांवों में काम ठप

Vande Mataram Row: सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा अलग मामला

वंदे मातरम के आधिकारिक संस्करण और उससे जुड़े कानूनी प्रावधानों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी अलग मामला सुनवाई में है। 22 सितंबर को अदालत ने संकेत दिया कि वह राष्ट्रगीत के स्वरूप या राष्ट्रीय प्रतीक के चयन पर निर्णय देने के बजाय 2026 के कानूनी संशोधन के तहत दंडात्मक प्रावधानों की संवैधानिकता से जुड़े सवालों पर विचार करेगी।

फिलहाल कर्नाटक में राज्य सरकार के आदेश, राज्यपाल की आपत्ति और हाई कोर्ट में लंबित चुनौती के कारण वंदे मातरम का मुद्दा कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा में है। आगे की स्थिति संबंधित न्यायिक और सरकारी प्रक्रियाओं से स्पष्ट होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *