NEET UG 2027 (नई दिल्ली): NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बड़ी कार्रवाई की है। लातूर के कोचिंग सेंटर संचालक और मामले में आरोपी शिवराज मोटेगांवकर के बेटे आदित्य मोटेगांवकर का NEET-UG 2026 का रिजल्ट रोक दिया गया है। साथ ही उसे NEET-UG 2027 की परीक्षा में शामिल होने के लिए भी अयोग्य घोषित कर दिया गया है। NTA की यह कार्रवाई 19 सितंबर को जारी किए गए संचार के आधार पर की गई है।
दो साल तक परीक्षा में नहीं बैठ सकेंगे
NTA के निर्णय के अनुसार आदित्य मोटेगांवकर को NEET-UG परीक्षा से दो साल के लिए डिबार किया गया है। इसका मतलब है कि उनका मौजूदा परीक्षा परिणाम जारी नहीं किया गया है और वह 2027 की NEET-UG परीक्षा में भी शामिल नहीं हो सकेंगे। यह कार्रवाई परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में की गई है।
NTA ने जून में हुई दोबारा परीक्षा के बाद आदित्य से कथित अनियमितताओं को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था। अपने जवाब में आदित्य ने परीक्षा के दौरान किसी भी अनुचित साधन का इस्तेमाल करने से इनकार किया था। उन्होंने यह सवाल भी उठाया था कि नोटिस 3 मई को हुई मूल परीक्षा से जुड़ा था, फिर दोबारा आयोजित परीक्षा का परिणाम क्यों रोका गया।
NEET UG 2027: CBI की जांच में क्या सामने आया?
मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। CBI के अनुसार, शिवराज मोटेगांवकर ने कथित तौर पर NEET-UG के केमिस्ट्री के सवाल हासिल करने के लिए पीवी कुलकर्णी को 5 लाख रुपये दिए थे। कुलकर्णी परीक्षा के लिए प्रश्न तैयार करने वाली NTA की प्रक्रिया से जुड़े थे। CBI की जांच के मुताबिक, शिवराज का बेटा कुलकर्णी की कोचिंग क्लास में जाता था और कथित तौर पर वहीं उसे परीक्षा से जुड़े सवाल उपलब्ध कराए गए थे।
PIB के अनुसार, CBI ने मई 2026 में पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि परीक्षा से पहले कुछ छात्रों को विशेष कोचिंग दी गई और उन्हें प्रश्नों तथा उत्तरों की जानकारी दी गई थी। जांच में इन सवालों के वास्तविक NEET-UG 2026 प्रश्नपत्र से मेल खाने की बात भी सामने आई थी।
3 मई की परीक्षा हुई थी रद्द
NEET-UG 2026 की मूल परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी। पेपर लीक के आरोपों के बाद NTA ने इसे रद्द कर दिया था और 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। इसके बाद संबंधित उम्मीदवारों के रिकॉर्ड और परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की गई।
CBI ने बाद में NEET-UG पेपर लीक और सार्वजनिक परीक्षाओं में कथित अनुचित तरीकों से जुड़े मामलों की जांच आगे बढ़ाई। ताजा कार्रवाई इसी मामले में NTA की ओर से की गई प्रशासनिक कार्रवाई का हिस्सा है।
फिलहाल आदित्य मोटेगांवकर का NEET-UG 2026 परिणाम रोका गया है और वह NEET-UG 2027 में भी शामिल नहीं हो सकेंगे। वहीं, पेपर लीक से जुड़े आपराधिक आरोपों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया अलग से जारी है।