Netanyahu UN Speech: UN महासभा में नेतन्याहू ने ममदानी को घेरा
नई दिल्ली। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में दिए भाषण के दौरान न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी पर तीखी राजनीतिक टिप्पणी की। नेतन्याहू ने ममदानी की इजराइल-नीति और गाजा युद्ध को लेकर उनके बयानों पर सवाल उठाए। इससे पहले दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक रूप से बयानबाजी भी सामने आ चुकी थी।
नेतन्याहू ने अपने भाषण में ममदानी की पत्नी रमा दुवाजी का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि दुवाजी ने सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट को लाइक किया था, जिसमें 7 अक्टूबर के हमले की प्रशंसा की गई थी। नेतन्याहू ने यह भी दावा किया कि उन्होंने एक अन्य पोस्ट को भी लाइक किया था, जिसमें तेल अवीव के अस्तित्व पर आपत्ति जताई गई थी। ये नेतन्याहू द्वारा लगाए गए दावे हैं।
ममदानी और नेतन्याहू के बीच पहले से है विवाद
ममदानी लंबे समय से गाजा में इजराइल की सैन्य कार्रवाई की आलोचना करते रहे हैं। उन्होंने नेतन्याहू पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि अगर उनके पास कानूनी अधिकार होता तो वह नेतन्याहू की गिरफ्तारी का प्रयास करते। इसके जवाब में नेतन्याहू ने ममदानी पर हमास के प्रति समर्थन रखने और इजराइल के खिलाफ आरोप लगाने का आरोप लगाया है।
संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण से पहले नेतन्याहू ने कहा था कि वह इजराइल की सैन्य कार्रवाई और अपने देश के सैनिकों के बारे में अपना पक्ष रखेंगे तथा ममदानी को भी जवाब देंगे।
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Netanyahu UN Speech: रमा दुवाजी को लेकर पहले भी हुई थी चर्चा
रमा दुवाजी पहले भी सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर सार्वजनिक चर्चा में रही हैं। मार्च 2026 में उनके कुछ पुराने सोशल मीडिया पोस्ट और फिलिस्तीन से जुड़े उनके काम को लेकर विवाद सामने आया था। उस समय ममदानी ने कहा था कि उनकी पत्नी का प्रशासन में कोई आधिकारिक पद नहीं है और उन्होंने सभी तरह के भेदभाव का विरोध किया था।
UN में कई प्रतिनिधियों के वॉकआउट की भी खबर
नेतन्याहू के भाषण के दौरान कई देशों के प्रतिनिधियों के सदन से बाहर जाने की खबर भी सामने आई। कुछ प्रतिनिधियों ने उनके भाषण के दौरान वॉकआउट किया, जबकि इजराइली प्रतिनिधिमंडल ने उनका समर्थन किया। अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह घटनाक्रम गाजा संघर्ष और इजराइल की नीतियों को लेकर जारी व्यापक कूटनीतिक मतभेदों के बीच हुआ।
नेतन्याहू के भाषण में ईरान, गाजा संघर्ष और इजराइल की अंतरराष्ट्रीय आलोचना समेत कई मुद्दे शामिल रहे। वहीं ममदानी के साथ उनका सार्वजनिक विवाद अब संयुक्त राष्ट्र के मंच तक पहुंच गया है।