Uttar Pradesh Defence Corridor (ग्रेटर नोएडा): केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) 2026 के चौथे संस्करण का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे रक्षा निर्माण क्षेत्र और डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को लेकर सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया। शाह ने खास तौर पर लखनऊ में तैयार हो रही ब्रह्मोस मिसाइलों और अमेठी में निर्मित AK-203 असॉल्ट राइफलों का जिक्र किया।
अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में रक्षा उत्पादन का विस्तार राज्य में हो रहे औद्योगिक बदलाव का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यूपी में बनी ब्रह्मोस मिसाइलें पाकिस्तान के लिए चिंता का कारण बन रही हैं। यह टिप्पणी उन्होंने अपने भाषण के दौरान की। इसी तरह उन्होंने अमेठी में निर्मित AK-203 राइफलों का उल्लेख करते हुए उन्हें आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा क्षमता से जोड़ा।
छह शहरों में डिफेंस कॉरिडोर के नोड
अमित शाह ने बताया कि उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के सभी छह नोड में निवेश आ रहा है। इनमें झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर शामिल हैं। उनके मुताबिक, इन परियोजनाओं से केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के रक्षा उत्पादन और उससे जुड़े औद्योगिक इकोसिस्टम को भी बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर में निवेश से रक्षा उत्पादों के निर्माण के साथ-साथ छोटे उद्योगों और संबंधित सप्लाई चेन के लिए भी अवसर बढ़ रहे हैं। सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, देश का रक्षा उत्पादन अब ₹1.78 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है और भारतीय रक्षा उत्पादों का निर्यात करीब 80 देशों तक पहुंचने की बात कही गई है। ये आंकड़े अमित शाह ने अपने संबोधन में रखे।
Uttar Pradesh Defence Corridor: लखनऊ में ब्रह्मोस सुविधा केंद्र
उत्तर प्रदेश के रक्षा निर्माण क्षेत्र में लखनऊ की ब्रह्मोस सुविधा महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है। ब्रह्मोस इंटीग्रेशन एंड टेस्टिंग फैसिलिटी सेंटर का उद्घाटन मई 2025 में किया गया था। यहां मिसाइलों की असेंबली, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग से जुड़ा काम किया जाता है।
अक्टूबर 2025 में लखनऊ स्थित केंद्र से निर्मित ब्रह्मोस मिसाइलों की पहली खेप को रवाना किया गया था। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह सुविधा उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का प्रमुख हिस्सा है और इसके जरिए स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
ट्रेड शो में निवेश और उद्योग पर जोर
UP International Trade Show के मंच से अमित शाह ने उत्तर प्रदेश को निवेश और उत्पादन के लिए उभरते केंद्र के तौर पर पेश किया। उन्होंने कहा कि व्यापार मेले के जरिए प्रदेश के उत्पादकों को देश और विदेश के खरीदारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे स्थानीय उत्पादों, छोटे उद्योगों और युवाओं के लिए आर्थिक अवसर बढ़े हैं। शाह ने भदोही की दरी, मुरादाबाद का पीतल, फिरोजाबाद का कांच, सहारनपुर की काष्ठ कला, कन्नौज का इत्र और बनारस की रेशमी साड़ी जैसे उत्पादों का उदाहरण दिया।
Uttar Pradesh Defence Corridor: रक्षा उत्पादन से रोजगार और औद्योगिक विस्तार
रक्षा निर्माण के विस्तार को केवल सुरक्षा से नहीं बल्कि औद्योगिक विकास और रोजगार से भी जोड़कर देखा जा रहा है। डिफेंस कॉरिडोर में बड़े रक्षा प्रतिष्ठानों के साथ छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए भी सप्लाई और उत्पादन के अवसर बन रहे हैं।
अमित शाह ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, औद्योगिक नीतियों और इंफ्रास्ट्रक्चर को निवेश के लिए महत्वपूर्ण कारक बताया। उन्होंने नोएडा एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।
इस तरह UPITS 2026 के मंच से रक्षा उत्पादन उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास के प्रमुख विषयों में रहा। लखनऊ में ब्रह्मोस और अमेठी में AK-203 के निर्माण का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने इसे राज्य में बढ़ती रक्षा विनिर्माण क्षमता के उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत किया।