जालौन न्यूज: तालाब किनारे धंस रही सड़क, हादसे का बढ़ा खतरा; तत्काल बैरिकेडिंग और सुरक्षा दीवार की मांग

जालौन न्यूज (जालौन): जालौन-बाबई से काशीपुरा जाने वाले ग्रामीण मार्ग पर तालाब किनारे सड़क का एक बड़ा हिस्सा लगातार धंसता जा रहा है। सड़क के नीचे गहरा पानी होने के कारण यहां दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने मार्ग की मौजूदा स्थिति को देखते हुए तत्काल सुरक्षा इंतजाम किए जाने की मांग की है।

क्षेत्र के समाजसेवी गजेन्द्र सिंह सेंगर ने सड़क की समस्या को लेकर आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग से सड़क के धंस रहे हिस्से पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क किनारे मिट्टी खिसकने के कारण मार्ग लगातार कमजोर हो रहा है।

गजेन्द्र सिंह सेंगर के मुताबिक, सड़क के किनारे स्थिति खराब होने के बावजूद मौके पर अभी तक कोई चेतावनी बोर्ड या सुरक्षात्मक बैरिकेडिंग नहीं लगाई गई है। ऐसे में इस रास्ते से गुजरने वाले ग्रामीणों, बाइक सवारों और अन्य राहगीरों को परेशानी के साथ दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है।

जालौन न्यूज: स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब के किनारे सड़क का हिस्सा धंसने से मार्ग की मजबूती प्रभावित हो रही है। यदि सड़क का कमजोर हिस्सा और अधिक बैठता है तो आवागमन करने वाले लोगों के लिए स्थिति गंभीर हो सकती है। खासकर रात के समय बिना चेतावनी संकेत और बैरिकेडिंग के खतरा और बढ़ सकता है।

शिकायत के जवाब में विभाग की ओर से बताया गया है कि संबंधित कार्य को आगामी वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा। हालांकि, इस जवाब पर शिकायतकर्ता ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि स्थायी निर्माण या सड़क की मरम्मत की प्रक्रिया में समय लग सकता है, लेकिन वर्तमान स्थिति में लोगों की सुरक्षा के लिए तत्काल अस्थायी इंतजाम किए जा सकते हैं।

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जालौन न्यूज: गजेन्द्र सिंह सेंगर ने लोक निर्माण विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि कागजी प्रक्रिया और आगामी वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना का इंतजार किए बिना मौके पर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं। उन्होंने धंस रहे हिस्से पर अर्थवर्क, बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा दीवार बनवाने की मांग की है।

स्थानीय स्तर पर मांग है कि विभाग मौके का निरीक्षण कर सड़क की स्थिति का आकलन करे और दुर्घटना की आशंका को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे। स्थायी निर्माण कार्य होने तक बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाए जाने से राहगीरों को संभावित खतरे से सावधान किया जा सकता है।

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