Pitru Paksha 2026: तर्पण-श्राद्ध के नियम, इन गलतियों से बचें वरना पितर होंगे नाराज

Pitru Paksha 2026:- सनातन धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व है। 26 सितंबर 2026 से पितृपक्ष की शुरुआत हो रही है, जो 10 अक्टूबर तक चलेगा। इन 15 दिनों में पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध किया जाता है, ताकि उनकी आत्मा को शांति मिले।

Pitru Paksha 2026: इन 15 दिनों में क्या करें?

1. रोजाना सुबह स्नान के बाद पितरों के लिए तर्पण करें।
2. श्राद्ध वाले दिन ब्राह्मण भोज कराएं और गाय, कौए और कुत्ते के लिए भोजन निकालें।
3. पितरों के नाम से दान-पुण्य करें।
4. गीता पाठ और पितृ स्तोत्र का पाठ करें।

Pitru Paksha 2026: किन गलतियों से बचें?

1. पितृपक्ष में कोई भी नया शुभ कार्य जैसे शादी, मुंडन, गृह प्रवेश न करें।
2. इस दौरान मांस-मदिरा, लहसुन-प्याज से परहेज करें।
3. श्राद्ध करने वाले व्यक्ति को पूरे 15 दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
4. किसी का अपमान न करें और झूठ बोलने से बचें।

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Pitru Paksha 2026: खान-पान के नियम

श्राद्ध पक्ष में सात्विक भोजन करना चाहिए। चावल, दाल, लौकी, मूली और खीर को शुभ माना जाता है। मसूर की दाल, चना, बासी खाना और बाहर का तला-भुना खाने से बचना चाहिए।

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