Rabies Prevention: विश्व रेबीज दिवस 2026: रेबीज जानलेवा, लेकिन बचाव संभव; कुत्ते के काटने पर तुरंत करें ये काम

Rabies Prevention: हर साल 28 सितंबर को विश्व रेबीज दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य रेबीज के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और इस जानलेवा बीमारी से बचाव के उपायों की जानकारी देना है। वर्ष 2026 की थीम “Stronger Together” यानी “मिलकर मजबूत” रखी गई है। इसका संदेश है कि रेबीज की रोकथाम के लिए डॉक्टरों, पशु चिकित्सकों, सरकार, स्कूलों और आम लोगों को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है। WHO की World Rabies Day 2026 जानकारी

रेबीज एक वायरल बीमारी है, जो संक्रमित जानवर की लार के संपर्क में आने से फैल सकती है। इंसानों में इसके संक्रमण का सबसे आम माध्यम संक्रमित कुत्ते का काटना या खरोंचना है। बीमारी के लक्षण सामने आने के बाद रेबीज लगभग हमेशा घातक होती है। हालांकि, संक्रमित जानवर के संपर्क में आने के तुरंत बाद उचित चिकित्सा सहायता मिलने पर बीमारी से बचाव संभव है।

कुत्ते के काटने या खरोंचने पर क्या करें?

अगर किसी व्यक्ति को संदिग्ध संक्रमित जानवर काट ले या खरोंच दे, तो सबसे जरूरी है कि वह बिना देरी किए प्रभावित स्थान को साबुन और पानी से करीब 15 मिनट तक अच्छी तरह धोए। इसके बाद तुरंत स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

रेबीज से बचाव के लिए चिकित्सक जरूरत के अनुसार पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस (PEP) की सलाह दे सकते हैं। इसमें स्थिति के अनुसार रेबीज वैक्सीन और अन्य उपचार शामिल हो सकते हैं। इसलिए केवल यह सोचकर इंतजार करना उचित नहीं है कि जानवर स्वस्थ दिखाई दे रहा है या लक्षण बाद में आएंगे।

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Rabies Prevention: पालतू कुत्तों का टीकाकरण भी जरूरी

रेबीज की रोकथाम में पशुओं का टीकाकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पालतू कुत्तों को समय पर रेबीज का टीका लगवाना चाहिए। इससे पशुओं के साथ-साथ इंसानों में संक्रमण का जोखिम कम करने में मदद मिलती है।

इसके अलावा बच्चों को भी सिखाना जरूरी है कि वे अनजान, बीमार या असामान्य व्यवहार कर रहे जानवरों के पास न जाएं और उन्हें छूने या परेशान करने से बचें।

जागरूकता से कम हो सकता है खतरा

विश्व रेबीज दिवस का उद्देश्य केवल बीमारी के बारे में जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों को समय पर सही कदम उठाने के लिए जागरूक करना भी है। परिवार और दोस्तों के साथ विश्वसनीय स्वास्थ्य जानकारी साझा करना, पालतू जानवरों का टीकाकरण कराना और जानवर के काटने या खरोंचने के बाद तत्काल चिकित्सा सहायता लेना रोकथाम के महत्वपूर्ण कदम हैं।

रेबीज की रोकथाम में मानव स्वास्थ्य और पशु स्वास्थ्य दोनों जुड़े हुए हैं। डॉक्टरों, पशु चिकित्सकों, प्रशासन, स्कूलों और समुदायों के संयुक्त प्रयास से इसके संक्रमण को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

विश्व रेबीज दिवस 2026 का “Stronger Together” संदेश भी इसी सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर देता है—जानवरों की सुरक्षा के साथ इंसानों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है।

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