US China Relations (वॉशिंगटन): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हालिया बातचीत को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। चीन में अमेरिका के राजदूत डेविड पर्ड्यू के अनुसार, ट्रंप ने शी चिनफिंग से बातचीत के दौरान अमेरिका की ओर से चीन को हथियार बेचने की संभावना का सवाल भी उठाया था। यह जानकारी ऐसे समय सामने आई है जब ताइवान को अमेरिकी हथियारों की बिक्री अमेरिका-चीन संबंधों में प्रमुख विवादों में से एक बनी हुई है।
पर्ड्यू ने ‘फॉक्स न्यूज संडे’ कार्यक्रम में बताया कि ट्रंप ने शी के सामने यह तर्क रखा कि अमेरिका दुनिया के कई देशों को हथियार बेचता है। इसी संदर्भ में उन्होंने चीनी राष्ट्रपति से पूछा कि क्या चीन भी कुछ अमेरिकी हथियार खरीदना चाहेगा। हालांकि, राजदूत ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ट्रंप ने यह प्रस्ताव बातचीत के किस चरण में रखा था।
ताइवान के हथियार सौदे पर भी चर्चा
यह बयान ऐसे समय आया है जब ताइवान के लिए प्रस्तावित लगभग 14 अरब डॉलर के नए अमेरिकी हथियार पैकेज की मंजूरी को लेकर चर्चा चल रही है। इससे पहले दिसंबर 2026 में अमेरिका ने ताइवान के लिए करीब 11 अरब डॉलर के हथियार पैकेज को मंजूरी दी थी। ताइवान अमेरिकी हथियारों को अपनी रक्षा क्षमता मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण मानता है।
चीन लंबे समय से ताइवान को अमेरिकी हथियारों की बिक्री का विरोध करता रहा है। बीजिंग ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और अमेरिकी सैन्य सहायता को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चुनौती के रूप में देखता है। दूसरी ओर, अमेरिका ताइवान को औपचारिक रूप से स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता नहीं देता, लेकिन अमेरिकी कानून के तहत उसे आत्मरक्षा के साधन उपलब्ध कराने की नीति रखता है।
US China Relations: ट्रंप ने ताइवान मुद्दे को बताया सीमित चर्चा का हिस्सा
शी चिनफिंग की अमेरिका यात्रा के दौरान ट्रंप ने भी ताइवान के मुद्दे को लेकर कहा कि दोनों नेताओं के बीच इस विषय पर बहुत ज्यादा चर्चा नहीं हुई। उन्होंने संकेत दिया कि चीन के राष्ट्रपति अमेरिकी रुख को अच्छी तरह समझते हैं। वहीं, पर्ड्यू ने कहा कि ट्रंप ताइवान के समर्थन को लेकर अपने रुख में स्पष्ट रहे हैं और पहले भी वहां हथियारों की बिक्री को मंजूरी दे चुके हैं।
इससे पहले Reuters ने रिपोर्ट किया था कि शी चिनफिंग अमेरिका से ताइवान को हथियारों की बिक्री रोकने का मुद्दा उठा सकते हैं। चीन 1982 के अमेरिका-चीन संयुक्त बयान का हवाला देता रहा है, जबकि अमेरिका की नीति में ताइवान की आत्मरक्षा के लिए सहायता का प्रावधान बना हुआ है।
अमेरिका-चीन संबंधों में संतुलन की कोशिश
ट्रंप और शी की बैठक व्यापार, तकनीक तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के बीच हुई। ताइवान का मुद्दा दोनों देशों के बीच सबसे संवेदनशील विषयों में शामिल है। ऐसे में ट्रंप की ओर से चीन को अमेरिकी हथियार खरीदने का सवाल उठाना बातचीत के दौरान अपनाए गए एक अलग कूटनीतिक रुख के रूप में सामने आया है।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि चीन ने अमेरिकी हथियार खरीदने के प्रस्ताव में कोई वास्तविक रुचि दिखाई या इस संबंध में आगे कोई औपचारिक बातचीत हुई। फिलहाल उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से अमेरिकी राजदूत के बयान पर आधारित है।