Balochistan Traders FC Checkpoints (क्वेटा):- बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों ने फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) की चेकपोस्टों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। व्यापारियों का आरोप है कि शहर के सेंट्रल इलाकों और हाईवे पर लगी इन चेकपोस्टों के कारण घंटों जाम लगता है, माल सड़ता है और कारोबार ठप हो रहा है। बलूचिस्तान बिजनेस फोरम ने सरकार से इन चौकियों को तुरंत हटाने की मांग की है।
Balochistan Traders FC Checkpoints: क्या है व्यापारियों की मुख्य शिकायत?
व्यापारियों के मुताबिक, सबसे बड़ी समस्या दोहरी चेकिंग और अवैध वसूली है। क्वेटा-तफ्तान और क्वेटा-चमन जैसे अहम व्यापारिक रूटों पर दर्जनों चेकपोस्ट हैं। कई जगह FC और पुलिस की अलग-अलग चेकपोस्ट होने से हर ट्रक को दो-दो बार रोकना पड़ता है।

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क्वेटा चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों का कहना है कि चेकिंग के नाम पर 8 घंटे का सफर 18 से 20 घंटे में पूरा हो रहा है। इससे ईरान और अफगानिस्तान से आने वाले फलों, सब्जियों और अन्य सामानों को भारी नुकसान हो रहा है। इसके अलावा बॉर्डर क्लोजर और लगातार लोड-शेडिंग ने पहले ही व्यापारियों की कमर तोड़ रखी है।
हाल ही में बलूचिस्तान बिजनेस फोरम का एक प्रतिनिधिमंडल, जिसमें मीर मुहम्मद असिम संजरानी, अब्दुल मजीद सरबाजी और अन्य शामिल थे, जमात-ए-इस्लामी बलूचिस्तान के अमीर मौलाना हिदायत-उर-रहमान बलोच से मिला। उन्होंने बॉर्डर बंदी और चेकपोस्टों पर कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। मौलाना ने आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे को प्रांतीय विधानसभा और मुख्यमंत्री के सामने उठाएंगे।
Balochistan Traders FC Checkpoints: सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का पक्ष क्या है?
प्रशासन का कहना है कि बलूचिस्तान में सुरक्षा स्थिति को देखते हुए चेकपोस्ट जरूरी हैं। पिछले साल नोश्की में 9 लोगों की हत्या के बाद सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्वेटा-तफ्तान और कोस्टल हाईवे पर अतिरिक्त पिकेट्स लगाने का फैसला किया था।
आईजी बलूचिस्तान पुलिस ने हाल ही में व्यापारियों के साथ एक बैठक में कहा था कि प्रांत एक हाइब्रिड वॉर का सामना कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई हथियार और प्रतिबंधित सामान की तस्करी को इन्हीं चेकपोस्टों पर पकड़ा गया है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि व्यापारियों को परेशानी हो रही है और उन्होंने चेकपोस्टों को कम कर जॉइंट चेकिंग सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव दिया है।
Balochistan Traders FC Checkpoints: पहले भी हो चुका है बड़ा विरोध प्रदर्शन
यह कोई नया विवाद नहीं है। इससे पहले जनवरी 2026 में ऑल पार्टीज ट्रेडर्स अलायंस ने भी क्वेटा से FC और पुलिस की जॉइंट चेकपोस्ट हटाने की मांग की थी।
मई 2024 में तो ट्रांसपोर्टरों ने 10 दिन तक हाईवे जाम कर दिया था। उस समय सरकार को 28 में से 25 चेकपोस्ट हटाने का ऐलान करना पड़ा था। लेकिन व्यापारियों का कहना है कि हटाई गई चेकपोस्टों को फिर से अलग-अलग नामों से लगा दिया गया है, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है।
Balochistan Traders FC Checkpoints: व्यापारियों की चेतावनी और आगे की रणनीति
बलूचिस्तान के व्यापारियों ने अब एक चार्टर ऑफ डिमांड तैयार किया है। उनकी मुख्य मांगें हैं:
1. सेंट्रल क्वेटा और शहर के अंदरूनी कारोबारी सड़कों से सभी FC चेकपोस्ट हटाई जाएं।
2. क्वेटा-तफ्तान और क्वेटा-चमन रूट पर सिर्फ एक जॉइंट चेकपोस्ट रखी जाए।
3. बॉर्डर पर फंसे हजारों ट्रकों को तुरंत क्लीयरेंस दी जाए।
4. चेकपोस्टों पर कथित अवैध वसूली की जांच हो।
व्यापारियों ने साफ कहा है कि अगर 15 दिन के अंदर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे क्वेटा में शटर-डाउन हड़ताल और हाईवे ब्लॉक करेंगे। वहीं जमात-ए-इस्लामी ने भी कहा है कि वह व्यापारियों के हक के लिए हर कानूनी और संवैधानिक मंच पर आवाज उठाएगी।
फिलहाल गेंद बलूचिस्तान सरकार के पाले में है। देखना होगा कि सुरक्षा और व्यापार के बीच संतुलन बनाते हुए सरकार क्या फैसला लेती है, क्योंकि FC चेकपोस्ट का मुद्दा अब सिर्फ व्यापार का नहीं, बल्कि बलूचिस्तान की आर्थिक स्थिरता का सवाल बन गया है।