S Jaishankar Asia Society (नई दिल्ली):- विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आखिरकार अमेरिका और पाकिस्तान की बढ़ती नजदीकियों पर चुप्पी तोड़ दी है। न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी के कार्यक्रम में जयशंकर ने अमेरिका को बेहद साफ शब्दों में कहा है कि अगर साझेदार देश भारत की प्रमुख संवेदनाओं, खासकर आतंकवाद, को नहीं समझते हैं तो उसका सीधा असर रिश्तों पर पड़ेगा। f2e4
जयशंकर इस समय अमेरिका दौरे पर हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा के बाद उन्होंने एशिया सोसाइटी में भारत-अमेरिका संबंधों में पिछले डेढ़ साल से चल रहे तनाव पर पहली बार खुलकर बात की।
S Jaishankar Asia Society: पड़ोसी ने दशकों तक फैलाया आतंकवाद – जयशंकर
जयशंकर ने बिना पाकिस्तान का नाम लिए उस पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा, “शायद ही कोई देश हो जिसे हमारे जैसा पड़ोसी से दशकों तक सोची-समझी नीति के तहत आतंकवाद झेलना पड़ा हो।” f2e4
उन्होंने आतंकवाद को भारत के लिए सबसे संवेदनशील मुद्दा बताया। जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति का हथियार बना रखा है।
S Jaishankar Asia Society: अमेरिका में सहानुभूति की कमी, रिश्तों पर पड़ेगा असर
जयशंकर ने अमेरिका की तरफ इशारा करते हुए कहा कि भारत के लिए सुरक्षा सबसे अहम है। उन्होंने कहा, “अगर कोई चीज जो हमारे लिए इतनी गहराई से मायने रखती है, उसके लिए पर्याप्त समझ, सराहना या सहानुभूति नहीं है, तो मुझे लगता है कि इससे समस्या पैदा होती है। उन्होंने आगे कहा, “अगर मेरी प्राथमिक चिंता को मेरे साथी द्वारा पूरी तरह से सराहा नहीं जाता है, तो स्पष्ट रूप से इसका रिश्ते पर असर पड़ता है।
उनका ये बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर को व्हाइट हाउस में लंच पर बुला रहे हैं। जून 2025 में ट्रंप ने मुनीर के लिए स्पेशल लंच होस्ट किया था, जो पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के ठीक बाद हुआ था।

S Jaishankar Asia Society: व्यापार मतभेद भी बनी बड़ी वजह
जयशंकर ने माना कि भारत-अमेरिका रिश्तों में तनाव की एक वजह व्यापार भी है। उन्होंने कहा, “रिश्ते में उतार-चढ़ाव आए हैं, मुख्य रूप से व्यापार वार्ताओं की गति और जटिलता को लेकर।” भारत में छोटे किसानों और छोटे उद्योगों की बड़ी संख्या के कारण ट्रेड डील काफी जटिल हो जाती है।
उन्होंने बताया कि ट्रेड एग्रीमेंट पर लगभग सहमति बन गई है, लेकिन अमेरिका के टैरिफ फ्रेमवर्क में बदलाव, खासकर रेसिप्रोकल टैरिफ खत्म होने और सेक्शन 301 की नई प्रक्रिया से अनिश्चितता बनी हुई है।
S Jaishankar Asia Society: ट्रंप प्रशासन का बदला रुख
जयशंकर ने इशारों में कहा कि ट्रंप प्रशासन ने इस्लामाबाद को जवाबदेह ठहराने से दूरी बना ली है, जो पिछली अमेरिकी सरकारों से बिल्कुल अलग है। पहले अमेरिका पाकिस्तान की आतंकवाद में भूमिका को खुलकर स्वीकार करता था। अब पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ बन रहा है।
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S Jaishankar Asia Society: भारत का दो टूक संदेश
जयशंकर का ये बयान साफ संदेश है। भारत अब आतंकवाद के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगा। अगर अमेरिका पाकिस्तान को गले लगाता है और भारत की सुरक्षा चिंताओं को नजरअंदाज करता है, तो भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी में दरार आ सकती है। विदेश मंत्री ने ये भी साफ किया कि दुनिया अब मल्टीपोलर हो रही है और हर कोई हर किसी से डील कर रहा है।