Gandhi Jayanti 2026 (नई दिल्ली): राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती के अवसर पर शुक्रवार को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन सहित कई गणमान्य लोगों ने दोनों महान नेताओं को याद किया। राजधानी दिल्ली में राजघाट और विजय घाट पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और शांति के संदेश तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन और राष्ट्रसेवा को याद किया गया।
राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने दी श्रद्धांजलि
गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों को वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भी प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में जारी संघर्षों के बीच गांधीजी का शांति और अहिंसा का संदेश और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। राष्ट्रपति ने देशवासियों से नैतिक आचरण और सक्रिय भागीदारी के जरिए विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान भी किया।
गांधी जयंती के अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी जयंती पर नमन किया। इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित कार्यक्रमों में गांधीजी और शास्त्रीजी के योगदान को याद किया गया।
Gandhi Jayanti 2026: राजघाट पर पहुंचे प्रधानमंत्री और कई नेता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह दिल्ली स्थित राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की और सर्वधर्म प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने विजय घाट पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने गांधीजी के सत्य, अहिंसा, करुणा और सेवा के विचारों को मानवता के लिए प्रेरणादायक बताया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भी राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। कई नेताओं ने विजय घाट पहुंचकर लाल बहादुर शास्त्री को भी नमन किया।
गांधीजी के शांति और अहिंसा के विचारों को किया याद
महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। स्वतंत्रता आंदोलन में उनके नेतृत्व और सत्याग्रह तथा अहिंसा के सिद्धांतों ने देश के राजनीतिक और सामाजिक जीवन को प्रभावित किया। उनके जन्मदिन को हर वर्ष गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने भी 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मान्यता दी है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संदेश में गांधीजी के सर्वोदय के विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास की प्रक्रिया में संवेदनशीलता और समावेशिता को महत्व दिया जाना चाहिए, ताकि कोई भी नागरिक विकास के लाभों से वंचित न रहे।
Gandhi Jayanti 2026: लाल बहादुर शास्त्री के योगदान को किया याद
देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लिया और आजादी के बाद देश के कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 1964 से 1966 तक प्रधानमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल रहा। उनका दिया नारा ‘जय जवान, जय किसान’ आज भी देश के सैनिकों और किसानों के योगदान को रेखांकित करता है।
गांधी जयंती और शास्त्री जयंती के अवसर पर देशभर में प्रार्थना सभाओं, श्रद्धांजलि कार्यक्रमों और स्वच्छता अभियानों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों के जरिए दोनों नेताओं के विचारों, सादगी और राष्ट्रसेवा की भावना को याद किया गया।