Rafale Fighter Jet: भारत की 114 राफेल खरीद पर बड़ा अपडेट, इस साल डील पर फैसला संभव; स्वदेशी सिस्टम के इस्तेमाल पर जोर

Rafale Fighter Jet (नई दिल्ली): भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों की प्रस्तावित खरीद को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के अनुसार, इस खरीद प्रक्रिया में इस वित्त वर्ष के अंत तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि राफेल विमानों की खरीद से संबंधित प्रस्तावों का फिलहाल औपचारिक मूल्यांकन चल रहा है।

भारत की ओर से इस सौदे में केवल विमानों की खरीद ही नहीं, बल्कि स्वदेशी रक्षा क्षमताओं और भारतीय उद्योग की भागीदारी पर भी जोर दिया जा रहा है। रक्षा सचिव ने कहा कि भारत 4.5 पीढ़ी और उससे आगे की श्रेणी के लड़ाकू विमानों में भारतीय हथियारों के अधिक स्तर पर एकीकरण की दिशा में काम कर रहा है।

114 राफेल की खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ी

114 राफेल विमानों की खरीद भारतीय वायुसेना की मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट जरूरत के तहत प्रस्तावित है। फरवरी 2026 में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने इस खरीद के लिए Acceptance of Necessity को मंजूरी दी थी। इसके बाद मई में भारत ने फ्रांस को Letter of Request भेजने की प्रक्रिया पूरी की। प्रस्ताव के तहत करीब 90 विमानों के भारत में निर्माण की योजना बताई गई है, जबकि बाकी विमान फ्रांस से सीधे मिलने हैं।

फ्रांसीसी कंपनी Dassault Aviation ने भारत के अनुरोध के जवाब में अपना तकनीकी और व्यावसायिक प्रस्ताव भी जमा किया है। इसके बाद प्रस्ताव का मूल्यांकन और आगे की बातचीत प्रक्रिया का हिस्सा है।

Rafale Fighter Jet: स्वदेशी हथियारों और सिस्टम पर फोकस

इस प्रस्तावित सौदे में एक महत्वपूर्ण मुद्दा भारतीय हथियारों और स्वदेशी प्रणालियों को राफेल प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ने की क्षमता है। भारत चाहता है कि भविष्य में घरेलू स्तर पर विकसित प्रणालियों को विमानों के साथ इस्तेमाल करने के लिए पर्याप्त तकनीकी लचीलापन उपलब्ध हो।

फ्रांसीसी पक्ष की ओर से भी इस मामले में लचीलापन दिखाने के संकेत मिले हैं। फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डोमिनिक टार्डिफ ने कहा कि फ्रांस भारत की आत्मनिर्भरता और संप्रभुता से जुड़ी जरूरतों को समझता है और भारतीय प्रणालियों के एकीकरण के लिए रास्ता तलाशा जा सकता है।

यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत अपने रक्षा उत्पादन में घरेलू उद्योग की भूमिका बढ़ाने पर जोर दे रहा है। प्रस्तावित राफेल कार्यक्रम में स्थानीय निर्माण और भारतीय कंपनियों की भागीदारी भी शामिल है।

भारत के पास पहले से 36 राफेल

भारत पहले ही फ्रांस से खरीदे गए 36 राफेल विमानों को भारतीय वायुसेना में शामिल कर चुका है। इसके अलावा भारतीय नौसेना के लिए 26 राफेल-एम विमानों की खरीद के लिए अप्रैल 2025 में भारत और फ्रांस के बीच अंतर-सरकारी समझौता हुआ था। उस समझौते में भारत में स्वदेशी हथियारों के एकीकरण के लिए तकनीक हस्तांतरण का प्रावधान भी शामिल है।

अब प्रस्तावित 114 विमानों की खरीद पूरी होने पर भारत के राफेल बेड़े का आकार काफी बढ़ जाएगा। हालांकि 114 विमानों की खरीद को लेकर अंतिम कीमत, अनुबंध की शर्तें और अन्य विवरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

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Rafale Fighter Jet: इस साल फैसले की उम्मीद

रक्षा सचिव के ताजा बयान के मुताबिक, 114 राफेल विमानों की खरीद प्रक्रिया में इस वित्त वर्ष के अंत तक निष्कर्ष पर पहुंचने की उम्मीद है। फिलहाल प्रस्तावों का मूल्यांकन किया जा रहा है। इसके बाद बातचीत और आवश्यक सरकारी मंजूरियों की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

इस तरह प्रस्तावित राफेल सौदे में विमान खरीद के साथ-साथ भारत में उत्पादन, स्वदेशी रक्षा उद्योग की भागीदारी और घरेलू प्रणालियों के एकीकरण जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

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