Political news :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार से वीडियो कॉल पर बातचीत की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने विमान में हुए गंभीर संकट के बीच पायलट द्वारा दिखाई गई हिम्मत और सूझबूझ की सराहना की। कैप्टन स्मित फिलहाल हमले में लगी चोटों का इलाज करा रहे हैं।
कैप्टन स्मित मछार फ्लाईदुबई की उस उड़ान के कप्तान थे जो दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में उनके सह-पायलट ने कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया। हमले में कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने स्थिति को समझते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की।
दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। फ्लाइट में 174 यात्री सवार थे।
Political news :- घायल होने के बावजूद विमान की चिंता
प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने बताया कि हमले के बाद वह गंभीर रूप से घायल होकर कॉकपिट के फर्श पर गिर गए थे। उस समय उन्हें महसूस हुआ कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें विमान की स्थिति का अंदाजा हो गया था और उन्हें लगा कि अगर उन्होंने कुछ नहीं किया तो बड़ी संख्या में लोगों की जान जा सकती है।
कैप्टन स्मित ने बताया कि इसके बाद उन्होंने घायल अवस्था में ही आगे बढ़ने की कोशिश की और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। उनके इस कदम के बाद यात्रियों और चालक दल को अंदर पहुंचने का मौका मिला और स्थिति को संभालने में मदद मिली।
संकट के समय हनुमान चालीसा का किया पाठ
बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने यह भी बताया कि कठिन परिस्थितियों में उन्हें आध्यात्मिक विश्वास से हिम्मत मिली। उन्होंने कहा कि जब उन्हें डर या दर्द महसूस होता था तब वह हनुमान चालीसा का पाठ करते थे। उन्होंने बताया कि विमान में हुए उस मुश्किल घटनाक्रम के दौरान भी वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। बातचीत के दौरान पायलट भावुक भी नजर आए। उन्होंने प्रधानमंत्री से बात को अपने लिए विशेष क्षण बताया।
Political news :- 174 यात्रियों की सुरक्षा बनी सबसे बड़ी चुनौती
फ्लाईदुबई की यह उड़ान बुधवार को दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में हुई घटना के बाद विमान के सामने गंभीर संकट पैदा हो गया था। रिपोर्टों के अनुसार हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे की ओर जाने लगा था। कैप्टन स्मित के कॉकपिट का दरवाजा खोलने के बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की। इसके बाद विमान को आपात स्थिति में सऊदी अरब के तबुक में उतारा गया।
प्रधानमंत्री ने की साहस और सूझबूझ की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित के साहस और विपरीत परिस्थितियों में दिखाई गई सूझबूझ की सराहना की। उन्होंने पायलट के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
Accident news :- इंदौर के भेरूघाट में बेकाबू ट्रक ने मचाया कहर तीन लोगों की मौत
इस घटना के बाद कैप्टन स्मित मछार के साहस की चर्चा भारत समेत कई देशों में हुई है। प्रधानमंत्री मोदी के अलावा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी पायलट के साहस की सराहना की है।
कैप्टन स्मित फिलहाल उपचार के बाद स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। भारतीय पायलट द्वारा गंभीर संकट के दौरान कॉकपिट का दरवाजा खोलने और यात्रियों तथा चालक दल को हस्तक्षेप का अवसर देने की घटना इस पूरे मामले का प्रमुख हिस्सा बनी हुई है।