नई दिल्ली। देशभर के उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। अब किसी भी खाद्य पैकेट को बंद करने के लिए स्टेपल पिन, धातु के तार या अन्य धातु आधारित फास्टनरों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
FSSAI ने स्पष्ट किया है कि कई मामलों में स्टेपल पिन या धातु के छोटे टुकड़े अनजाने में खाद्य पदार्थों के साथ उपभोक्ताओं के मुंह तक पहुंच जाते हैं, जिससे गंभीर चोट, संक्रमण और स्वास्थ्य संबंधी खतरे उत्पन्न हो सकते हैं। इसी जोखिम को देखते हुए यह प्रतिबंध लागू किया गया है।
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली धातु की वस्तुएं बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से खतरनाक साबित हो सकती हैं। ऐसे मामलों में मुंह, गले या पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है।
FSSAI ने खाद्य कारोबार संचालकों (FBOs) को निर्देश दिया है कि वे पैकेजिंग के लिए सुरक्षित और आधुनिक विकल्पों जैसे हीट-सीलिंग, फूड-ग्रेड चिपकने वाले पदार्थ या अन्य मानक तकनीकों का उपयोग करें।
खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में यह कदम उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने और पैकेजिंग से जुड़े संभावित खतरों को कम करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।