नई दिल्ली: विदेश में पढ़ाई, नौकरी या प्रवास की तैयारी कर रहे भारतीय छात्रों के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सितंबर 2026 से भारत में IELTS (International English Language Testing System) पूरी तरह कंप्यूटर-बेस्ड (Computer-Based) प्रारूप में आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही पेपर-बेस्ड IELTS परीक्षा अगस्त 2026 के बाद बंद कर दी जाएगी। यह घोषणा IDP Education ने की है, जो IELTS की सह-स्वामित्व वाली संस्थाओं में शामिल है।
नए प्रारूप के तहत अभ्यर्थी Listening, Reading और Writing सेक्शन कंप्यूटर पर पूरा करेंगे, जबकि Speaking टेस्ट पहले की तरह प्रशिक्षित एग्जामिनर के साथ आमने-सामने (Face-to-Face) ही होगा। परीक्षा के पैटर्न, प्रश्नों की संख्या और मूल्यांकन प्रणाली में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इस बदलाव का उद्देश्य परीक्षार्थियों को अधिक सुविधाजनक अनुभव, बेहतर टेस्ट उपलब्धता और तेजी से परिणाम उपलब्ध कराना है। कंप्यूटर-बेस्ड परीक्षा में उम्मीदवार अपने उत्तर आसानी से संपादित कर सकेंगे, स्क्रीन पर समय देख सकेंगे और आधुनिक डिजिटल इंटरफेस का लाभ उठा सकेंगे।
IELTS दुनिया की सबसे लोकप्रिय अंग्रेज़ी दक्षता परीक्षाओं में से एक है, जिसे ब्रिटिश काउंसिल, IDP Education और Cambridge University Press & Assessment संयुक्त रूप से संचालित करते हैं। यह परीक्षा दुनिया भर के हजारों विश्वविद्यालयों, नियोक्ताओं और इमिग्रेशन एजेंसियों द्वारा मान्यता प्राप्त है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल परीक्षा प्रणाली अपनाने से परीक्षा प्रक्रिया अधिक तेज़, पारदर्शी और सुविधाजनक बनेगी। हालांकि, जिन छात्रों ने अब तक केवल पेपर मोड में तैयारी की है, उन्हें कंप्यूटर पर टाइपिंग और डिजिटल इंटरफेस का अभ्यास शुरू कर देना चाहिए ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई न हो।