ब्रिजटाउन (बारबाडोस): क्रिकेट इतिहास के महानतम ऑलराउंडरों में गिने जाने वाले सर गारफील्ड “गैरी” सोबर्स का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड (Cricket West Indies), आईसीसी और दुनिया भर के खिलाड़ियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
सर गारफील्ड सोबर्स को क्रिकेट इतिहास का सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर माना जाता है। उन्होंने 1954 से 1974 के बीच वेस्टइंडीज के लिए 93 टेस्ट मैच खेले, जिनमें 8,032 रन बनाए और 235 विकेट लिए। उनकी बल्लेबाजी, तेज और स्पिन गेंदबाजी तथा शानदार फील्डिंग ने उन्हें क्रिकेट का सर्वकालिक महान खिलाड़ी बना दिया।
सोबर्स ने 1958 में पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 365 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी, जो कई दशकों तक टेस्ट क्रिकेट का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर रहा। इसके अलावा 1968 में नॉटिंघमशायर की ओर से खेलते हुए उन्होंने एक ओवर में लगातार छह छक्के लगाने का भी ऐतिहासिक कारनामा किया था।
क्रिकेट में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें 1975 में नाइटहुड (Sir) की उपाधि से सम्मानित किया गया। वर्ष 1998 में बारबाडोस ने उन्हें राष्ट्रीय नायक (National Hero) घोषित किया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा वर्ष के सर्वश्रेष्ठ पुरुष क्रिकेटर को दिया जाने वाला प्रतिष्ठित Sir Garfield Sobers Trophy भी उनके सम्मान में ही स्थापित किया गया है।
उनके निधन पर आईसीसी, बीसीसीआई, क्रिकेट वेस्टइंडीज और कई पूर्व एवं वर्तमान खिलाड़ियों ने गहरा शोक व्यक्त किया। क्रिकेट जगत ने उन्हें खेल का ऐसा महान खिलाड़ी बताया, जिसकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेंगी।