POJK Protest: भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कथित कार्रवाई पर गंभीर चिंता जताई है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की अपील करते हुए कहा कि मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों की पारदर्शी जांच आवश्यक है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, पीओजेके के विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय लोग लंबे समय से महंगाई, बेरोजगारी, बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। भारत का कहना है कि इन प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ कठोर व्यवहार और बल प्रयोग की खबरें सामने आई हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच होनी चाहिए।
भारत ने यह भी कहा कि पीओजेके के लोगों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अन्य मूलभूत मानवाधिकार मिलने चाहिए। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से इस मामले पर ध्यान देने और तथ्यों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग हैं, जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाला क्षेत्र भी शामिल है। भारत ने पाकिस्तान से अपने कब्जे वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के अधिकारों का सम्मान करने और मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़े आरोपों पर जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
इस मुद्दे पर पाकिस्तान की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि भारत ने स्पष्ट किया है कि वह पीओजेके के लोगों के अधिकारों और उनके हितों से जुड़े मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाता रहेगा।