Central University of Kashmir: कश्मीर के केंद्रीय विश्वविद्यालय में एक एसोसिएट प्रोफेसर पर छात्राओं की ओर से लगाए गए कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के आरोपों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। छात्राओं के विरोध के बीच आरोपी प्रोफेसर को विभागीय और आधिकारिक जिम्मेदारियों से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए अलग-अलग समितियों का गठन भी किया है।
मामला केंद्रीय विश्वविद्यालय कश्मीर (CUK) के गंदरबल स्थित परिसर से जुड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, 1 अक्टूबर को बड़ी संख्या में छात्राएं परिसर में एकत्र हुईं और संबंधित प्रोफेसर पर कक्षा के दौरान महिला छात्रों के प्रति कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन कर रही एक छात्रा ने दावा किया कि हाल ही में प्रोफेसर ने एक छात्रा की शारीरिक बनावट पर टिप्पणी की और उसे ‘बी माई डेट’ यानी अपने साथ डेट पर चलने के लिए कहा।
Central University of Kashmir: छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणियां पहले भी की जाती रही थीं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी प्रोफेसर को उनके विभागीय और आधिकारिक दायित्वों से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया है।
रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी प्रोफेसर डॉ. चिनप्पन भास्कर केंद्रीय विश्वविद्यालय कश्मीर के रसायन विज्ञान विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष थे। प्रशासनिक व्यवस्था के तहत अब डॉ. प्रशांत कुमार गुप्ता को रसायन विज्ञान विभाग का समन्वयक नियुक्त किया गया है।
Central University of Kashmir: विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. निसार अहमद मीर ने कहा कि आरोपी को सभी विभागीय और आधिकारिक जिम्मेदारियों से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में यौन उत्पीड़न की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए दो अलग-अलग स्तरों पर प्रक्रिया शुरू की है। एक जांच आंतरिक समिति द्वारा की जा रही है, जबकि कुलपति के निर्देश पर एक विशेष जांच समिति भी मामले को देख रही है। विश्वविद्यालय ने छात्रों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी तरह के उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है तो वे आंतरिक समिति के सामने अपनी शिकायत और बयान दर्ज कराएं।
Central University of Kashmir: फिलहाल विश्वविद्यालय की कार्रवाई को अंतरिम प्रशासनिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है। संबंधित प्रोफेसर को जिम्मेदारियों से हटाने का आदेश सक्षम प्राधिकारी के अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगा। अब जांच समितियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।