UP MLC Election 2026: यूपी MLC चुनाव से पहले सपा का बड़ा बदलाव, दो उम्मीदवार बदले; अखिलेश बोले- अनुभवी चेहरों के आने से जीत पक्की

UP MLC Election 2026 (लखनऊ): उत्तर प्रदेश में विधान परिषद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अपने दो उम्मीदवारों में बदलाव किया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कमलेश यादव की जगह डॉ. संजयन त्रिपाठी और आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रकाश चंद्र गुप्त की जगह पूर्व एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल को उम्मीदवार घोषित किया है। दोनों बदलावों की घोषणा 3 अक्टूबर 2026 को की गई।

अखिलेश यादव ने नए उम्मीदवारों का स्वागत करते हुए पहले घोषित प्रत्याशियों कमलेश यादव और प्रकाश चंद्र गुप्त के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं की सहमति से उम्मीदवारों में बदलाव किया गया है और उनके सहयोग के लिए पार्टी उनके प्रति आभारी रहेगी। अखिलेश ने नए प्रत्याशियों के चुनावी अनुभव को रेखांकित करते हुए दावा किया कि अनुभवी चेहरों के मैदान में आने से पार्टी की जीत सुनिश्चित होगी। यह उनका राजनीतिक दावा है, जबकि चुनाव का वास्तविक परिणाम मतदान और मतगणना के बाद ही सामने आएगा।

UP MLC Election 2026: गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. संजयन त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, वह पहले भाजपा से टिकट की दावेदारी कर रहे थे। भाजपा द्वारा ध्रुव त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद संजयन त्रिपाठी के सपा में आने और उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा हुई। वहीं आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. आकाश अग्रवाल को मौका दिया गया है। वह पहले निर्दलीय एमएलसी रह चुके हैं और उनका कार्यकाल भी इस चुनाव के साथ समाप्त होने वाली सीटों में शामिल है।

उत्तर प्रदेश विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया चल रही है। उपलब्ध चुनाव कार्यक्रम के अनुसार मतदान 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को की जाएगी। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर और नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर निर्धारित है।

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UP MLC Election 2026: उम्मीदवारों की घोषणा के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर भी कई राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने कथित तौर पर मतदाता सूची, पुलिस व्यवस्था, शिक्षा, पेपर लीक और रोजगार जैसे मुद्दों को उठाया। उन्होंने शिक्षकों से जुड़े तदर्थ शिक्षकों, वित्तविहीन शिक्षकों, शिक्षामित्रों और पुरानी पेंशन योजना जैसे विषयों को सपा के राजनीतिक एजेंडे में शामिल करने की बात कही। ये सभी टिप्पणियां अखिलेश यादव और सपा की राजनीतिक स्थिति के रूप में देखी जानी चाहिए।

सपा ने इस बदलाव के जरिए शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवारों को लेकर नई रणनीति पेश की है। अब गोरखपुर-फैजाबाद और आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में नए प्रत्याशियों के सामने चुनावी मुकाबला होगा। परिणाम 27 अक्टूबर की मतगणना के बाद स्पष्ट होगा।

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