एनएचआरसी ने ‘एनालॉग पनीर’ पर मांगा जवाब, FSSAI और राज्यों को दो हफ्ते में देनी होगी रिपोर्ट

नई दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने बाजार में बिकने वाले कथित ‘एनालॉग पनीर’ को लेकर चिंता जताते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और संबंधित राज्यों से जवाब मांगा है। आयोग ने इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।

क्या है एनालॉग पनीर?

एनालॉग पनीर ऐसे उत्पादों को कहा जाता है जो देखने और इस्तेमाल में पनीर जैसे हो सकते हैं, लेकिन पारंपरिक पनीर की तरह पूरी तरह दूध से बने होने के बजाय इनमें वनस्पति वसा, प्रोटीन या अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है।

ऐसे उत्पादों की बिक्री और लेबलिंग को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि उपभोक्ता को उत्पाद की वास्तविक सामग्री की स्पष्ट जानकारी दी जा रही है या नहीं।

NHRC ने क्यों मांगी रिपोर्ट?

आयोग ने खाद्य सुरक्षा, उपभोक्ताओं के अधिकार और उत्पादों की सही जानकारी उपलब्ध कराने से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है।

FSSAI और राज्यों से यह बताने को कहा गया है कि बाजार में ऐसे उत्पादों की जांच, निगरानी और लेबलिंग को लेकर क्या व्यवस्था लागू है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर क्या कार्रवाई की जा रही है।

उपभोक्ताओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है मामला?

पनीर खरीदते समय उपभोक्ता अक्सर इसे दूध से बना उत्पाद मानकर खरीदते हैं। ऐसे में पैकेट पर सामग्री और उत्पाद की प्रकृति की सही जानकारी होना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, खरीदारी के समय लेबल, ingredients और FSSAI संबंधी जानकारी जरूर देखनी चाहिए।

NHRC की कार्रवाई के बाद अब FSSAI और राज्यों की रिपोर्ट से साफ होगा कि ‘एनालॉग पनीर’ को लेकर देश में नियमों का पालन किस तरह हो रहा है और उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *