हेल्थ डेस्क। अगर आपको बार-बार मिठाई, चॉकलेट, मीठे पेय या दूसरी मीठी चीजें खाने की तेज इच्छा होती है, तो इसे सिर्फ स्वाद की पसंद मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार नींद की कमी, तनाव, खान-पान की आदतों या लंबे समय तक भूखे रहने से भी मीठा खाने की craving बढ़ सकती है। हालांकि लगातार और बहुत ज्यादा craving किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकती है।
1. ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव
जब लंबे समय तक खाना नहीं खाते या बहुत अधिक refined carbohydrates लेते हैं, तो ब्लड ग्लूकोज में तेजी से बदलाव हो सकता है। इसके बाद शरीर जल्दी ऊर्जा पाने के लिए मीठी चीजों की मांग कर सकता है।
2. नींद पूरी न होना
कम नींद से भूख और तृप्ति से जुड़े हार्मोन प्रभावित हो सकते हैं। इसका असर खाने की पसंद पर भी पड़ता है और व्यक्ति को ज्यादा कैलोरी या मीठी चीजें खाने का मन हो सकता है।
3. तनाव और भावनात्मक खान-पान
तनाव के दौरान कुछ लोगों में मीठा या ज्यादा कैलोरी वाला भोजन खाने की इच्छा बढ़ जाती है। मीठी चीजें थोड़े समय के लिए अच्छा महसूस करा सकती हैं, जिसके कारण यह आदत दोहराई जा सकती है।
4. खाने में प्रोटीन और फाइबर की कमी
अगर भोजन में पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर और स्वस्थ वसा नहीं है, तो पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस नहीं कर सकता। ऐसे में बार-बार कुछ खाने और खासकर मीठा खाने की इच्छा हो सकती है।
5. कुछ लक्षणों के साथ craving हो तो ध्यान दें
अगर मीठा खाने की इच्छा के साथ बहुत ज्यादा प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, असामान्य थकान, धुंधला दिखाई देना या बिना वजह वजन कम होना जैसे लक्षण भी हैं, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। ये लक्षण हाई ब्लड शुगर जैसी समस्या से जुड़े हो सकते हैं।
मीठे की craving कम करने के आसान तरीके
- भोजन में दाल, अंडे, दूध/दही जैसे प्रोटीन स्रोत शामिल करें।
- फल, सब्जियों और साबुत अनाज से फाइबर बढ़ाएं।
- पर्याप्त पानी पिएं।
- नींद का नियमित समय रखें।
- बहुत लंबे अंतराल तक खाली पेट न रहें।
- मिठाई की जगह फल या बिना अतिरिक्त चीनी वाला विकल्प चुन सकते हैं।
जरूरी बात: केवल मीठा खाने की इच्छा होने से किसी बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। अगर craving लगातार बनी हुई है या दूसरे लक्षण भी मौजूद हैं, तो चिकित्सकीय जांच कराना बेहतर है।