Durga Puja west bengal (कोलकाता):-पश्चिम
बंगाल में दुर्गा पूजा सिर्फ त्योहार नहीं, इमोशन है। यूनेस्को की हेरिटेज लिस्ट में शामिल इस महापर्व से पहले ही बंगाल में तैयारियां और राजनीति दोनों तेज हो गई हैं। इस बार पूजा को लेकर आर्थिक मदद और अनुशासन को लेकर कई बड़े प्रस्ताव चर्चा में हैं।

Durga puja west bengal: कम जट वाली पूजा समितियों के लिए बड़ी राहत की तैयारी
बंगाल में 43 हजार से ज्यादा दुर्गा पूजा समितियां हैं, जिनमें से आधी से ज्यादा कम बजट वाली हैं। चंदा जुटाकर पूजा करने वाली इन समितियों पर महंगाई और बिजली बिल का बोझ पड़ता है। मांग उठ रही है कि सरकार इन्हें 1 लाख रुपये तक की सीधी आर्थिक सहायता दे और पूजा के 5 दिनों तक एक निश्चित यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराए। इससे छोटी पूजाएं भी भव्य तरीके से हो सकेंगी।

Durga puja west bengal:- DJ और शराब पर रोक से सात्विक होगी पूजा?
हर साल पूजा के दौरान शराब पीकर हुड़दंग और तेज आवाज वाले DJ से विवाद होता है। DJ की तेज धुन से बुजुर्गों और बच्चों को दिक्कत होती है और पंडाल की मर्यादा भी भंग होती है। इसलिए प्रस्ताव है कि पंडालों के 100 मीटर के दायरे में शराबबंदी और DJ पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। इसकी जगह पारंपरिक ढाक, शंख और लोक संगीत को बढ़ावा देने की बात कही जा रही है।
Durga puja west bengal:अनुदान की राजनीति
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं। उनकी सरकार पहले से ही पूजा समितियों को अनुदान देती रही है। पिछले साल 85-85 हजार रुपये दिए गए थे। इस बार इसे बढ़ाकर 1 लाख करने की चर्चा है। सोशल मीडिया पर नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को CM बताकर जो खबर वायरल हो रही है, वह तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।

Durga puja west bengal: शुभेंदु अधिकारी ने क्या उठाई मांग?
नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने मांग की है कि पूजा अनुदान में किसी तरह का भेदभाव न हो और सभी क्लबों को समान सुविधा मिले। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा को राजनीतिक रंग से दूर रखकर उसकी सांस्कृतिक मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।