Uttrakhand school News: उत्तराखंड के इस स्कूल ने मोबाइल की लत को ऐसे छुड़वाया कि पेरेंट्स भी हैरान, हर जगह हो रही तारीफ

Uttrakhand school News (उत्तराखंड):- भारत-नेपाल बॉर्डर के पास बसे खटीमा के एक छोटे से स्कूल ने जो कर दिखाया है, उसकी चर्चा अब पूरे सोशल मीडिया पर हो रही है। मोबाइल की लत से परेशान पेरेंट्स की शिकायत पर स्कूल ने ऐसा अनोखा जागरूकता अभियान चलाया कि अब बच्चे खुद ही फोन को हाथ लगाने से इनकार कर रहे हैं।

पहले तो इस अभियान का वीडियो देखकर लोग दंग रह गए। वीडियो में स्कूल में किसी बड़े हादसे जैसे दृश्य दिख रहे थे। एंबुलेंस, चीख-पुकार, घायल बच्चे… देखकर लगा कि सच में कोई दुर्घटना हो गई है। लेकिन कुछ सेकंड बाद ही पता चला कि ये सब एक ड्रामा था, मोबाइल के ज्यादा इस्तेमाल के खतरों को समझाने के लिए।

ये पहल की है आदर्श इंडिया मॉन्टेसरी स्कूल, बिरिया, खटीमा* ने। यह स्कूल घने जंगलों के पास स्थित है। स्कूल की मैनेजर हेमा चुफाल ने बताया कि लगातार पेरेंट्स शिकायत कर रहे थे कि उनके बच्चे दिनभर मोबाइल में घुसे रहते हैं।

हेमा चुफाल ने ANI को बताया कि आज का डर कल के बेहतर भविष्य की शुरुआत बन सकता है। पेरेंट्स लगातार कह रहे थे कि बच्चे मोबाइल में इतने बिजी हैं कि खाना नहीं खाते, आंखों की रोशनी कमजोर हो रही है, हेल्थ प्रॉब्लम हो रही है और बच्चे बाहर खेलने भी नहीं जाते। इसीलिए स्कूल ने यह स्पेशल एक्सरसाइज प्लान की।

Uttrakhand school News: क्या था ड्रामे में?

स्कूल ने मोबाइल एडिक्शन से होने वाले नुकसान – जैसे ध्यान भटकना, सड़क पर चलते हुए एक्सीडेंट, पढ़ाई में मन न लगना, आंखों और मानसिक स्वास्थ्य पर असर – को एक लाइव ड्रामे के जरिए दिखाया। इसका असर इतना गहरा हुआ कि बच्चों को समझ आ गया कि मोबाइल सिर्फ मनोरंजन नहीं, खतरा भी बन सकता है।

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Uttrakhand school News: पेरेंट्स बोले- असर दिख रहा

स्कूल मैनेजर के मुताबिक, इस प्रोग्राम के बाद पॉजिटिव असर देखने को मिला है।

बच्चे अब अपने मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर ज्यादा सजग हो गए हैं और पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। कई बच्चों ने तो खुद ही फोन इस्तेमाल करने से मना करना शुरू कर दिया है,” उन्होंने कहा।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोग इस पहल की खूब तारीफ कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि हर स्कूल में ऐसी जागरूकता मुहिम चलाई जानी चाहिए।

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