Ramdev Patanjali Security (नई दिल्ली):- योग गुरु बाबा रामदेव के पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क से अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की सुरक्षा हटा दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने इस संबंध में 34 CISF पदों को समाप्त (Abolish) करने का आदेश जारी किया है। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद ये पद अब खत्म कर दिए गए हैं।
Ramdev Patanjali Security: 10 साल से तैनात थी CISF, खर्च उठाती थी पतंजलि
आपको बता दें कि हरिद्वार स्थित पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क को CISF कवर साल 2015-16 में दिया गया था। उस समय हुए कुछ विरोध प्रदर्शनों और थ्रेट परसेप्शन के आकलन के बाद गृह मंत्रालय ने इसे अस्थायी सुरक्षा दी थी, जिसे 22 मार्च 2016 को 24×7 स्थायी तैनाती में बदल दिया गया था। तब 1 असिस्टेंट कमांडेंट के नेतृत्व में 34 हथियारबंद कमांडो की तैनाती की गई थी।
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CISF की यह तैनाती पूरी तरह से “पेड डिप्लॉयमेंट” थी। इसका मतलब है कि जवानों की सैलरी से लेकर बैरक, आर्मरी और गाड़ियों तक का पूरा खर्च पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क प्राइवेट लिमिटेड द्वारा उठाया जा रहा था। एक अनुमान के मुताबिक, इसका सालाना खर्च करीब 40 लाख रुपये था। यह देश के उन 8 चुनिंदा प्राइवेट संस्थानों में से एक था, जिसे 2008 के मुंबई हमलों के बाद CISF एक्ट में संशोधन के बाद सुरक्षा दी गई थी। इंफोसिस जैसी कंपनियों को भी इसी तरह की सुरक्षा मिली हुई है।
Ramdev Patanjali Security: क्यों हटाई गई सुरक्षा? MHA ने दिए संकेत
गृह मंत्रालय ने सुरक्षा हटाने के पीछे की वजह का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में थ्रेट परसेप्शन की दोबारा समीक्षा की गई थी, जिसमें इस तरह की स्थायी तैनाती की आवश्यकता नहीं पाई गई। इससे पहले 2016 में तत्कालीन गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद में बताया था कि प्राइवेट संस्थानों को सुरक्षा थ्रेट परसेप्शन और इंटरनल सिक्योरिटी जरूरतों के आधार पर दी जाती है।
Ramdev Patanjali Security: बाबा रामदेव की Z कैटेगरी सुरक्षा बरकरार
गौरतलब है कि पतंजलि फूड पार्क से CISF हटने का असर बाबा रामदेव की व्यक्तिगत सुरक्षा पर नहीं पड़ेगा। बाबा रामदेव खुद अभी भी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की Z कैटेगरी के प्रोटेक्टिव हैं। CISF की टीम फूड पार्क में क्विक रिएक्शन टीम (QRT) पैटर्न पर काम करती थी और किसी भी आतंकी हमले या तोड़फोड़ की स्थिति से निपटने के लिए तैनात थी। अब इस पार्क की सुरक्षा की जिम्मेदारी निजी सुरक्षा एजेंसियों पर होगी।