India Steel Industry: भारत की नई नेशनल स्टील पॉलिसी का ड्राफ्ट एक हफ्ते में होगा जारी, 2047 तक 600 MT क्षमता का लक्ष्य

India Steel Industry (नई दिल्ली): भारत सरकार स्टील सेक्टर के लिए नई नेशनल स्टील पॉलिसी लाने की तैयारी कर रही है। स्टील सचिव संदीप पाउंड्रिक ने मंगलवार को बताया कि नई नीति का ड्राफ्ट करीब एक सप्ताह के भीतर सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया जाएगा। इसके बाद उद्योग जगत और अन्य हितधारकों से सुझाव और टिप्पणियां मांगी जाएंगी।

नई नीति का एक प्रमुख प्रस्ताव वर्ष 2047 तक देश की स्टील उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 600 मिलियन टन तक पहुंचाना है। यह लक्ष्य मौजूदा नेशनल स्टील पॉलिसी-2017 के 2030-31 तक 300 मिलियन टन क्षमता के लक्ष्य से काफी बड़ा है। सरकार की नई नीति को दीर्घकालिक औद्योगिक विकास और भारत के 2047 के विकास लक्ष्यों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

एक सप्ताह में सार्वजनिक होगा ड्राफ्ट

स्टील सचिव के मुताबिक नई नेशनल स्टील पॉलिसी का मसौदा जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा। ड्राफ्ट जारी होने के बाद स्टील उद्योग, कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों को इस पर सुझाव देने का अवसर मिलेगा। इसके बाद प्राप्त सुझावों पर विचार करते हुए नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।

प्रस्तावित नीति में देश की बढ़ती स्टील मांग को पूरा करने के साथ उत्पादन क्षमता, तकनीक, कच्चे माल की उपलब्धता और घरेलू उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता जैसे मुद्दों पर भी ध्यान दिए जाने की उम्मीद है।

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India Steel Industry: 2047 तक 600 MT क्षमता का लक्ष्य

भारत की मौजूदा नेशनल स्टील पॉलिसी 2017 में 2030-31 तक 300 मिलियन टन कच्चे स्टील की उत्पादन क्षमता का लक्ष्य रखा गया था। स्टील मंत्रालय के अनुसार, इस नीति में 255 मिलियन टन कच्चे स्टील उत्पादन और प्रति व्यक्ति तैयार स्टील खपत को बढ़ाने जैसे लक्ष्य भी शामिल हैं।

अब प्रस्तावित नई नीति में 2047 तक क्षमता को 600 मिलियन टन तक ले जाने का लक्ष्य सामने आया है। यह लक्ष्य देश में बुनियादी ढांचे, निर्माण, ऑटोमोबाइल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों से बढ़ने वाली स्टील मांग को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।

सस्ते आयात पर भी फोकस

नई नीति में विदेशी बाजारों से आने वाले सस्ते और कम गुणवत्ता वाले स्टील पर भी ध्यान देने की बात कही गई है। सरकार व्यापार उपायों, जिनमें सेफगार्ड और एंटी-डंपिंग ड्यूटी जैसे विकल्प शामिल हैं, के जरिए घरेलू उद्योग को प्रतिस्पर्धा के लिहाज से मजबूत करने पर विचार कर रही है।

इसके साथ ही छोटे घरेलू स्टील उत्पादकों की तकनीक और लागत के मामले में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिए जाने की बात सामने आई है।

India Steel Industry: तकनीक और ग्रीन स्टील पर जोर

नई नीति ऐसे समय तैयार हो रही है जब भारतीय स्टील उद्योग के सामने उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन कम करने की चुनौती भी है। स्टील मंत्रालय पहले ही ग्रीन स्टील और कम-कार्बन उत्पादन तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए पहल कर चुका है। मंत्रालय की मौजूदा नीतियों में ग्रीन स्टील, हाइड्रोजन आधारित उत्पादन और कार्बन कैप्चर जैसी तकनीकों पर शोध को बढ़ावा देने की दिशा शामिल है।

नई नीति का ड्राफ्ट सार्वजनिक होने के बाद इन प्रस्तावों पर उद्योग और अन्य हितधारकों की प्रतिक्रिया भी सामने आएगी। इसके बाद सरकार अंतिम नीति तैयार करेगी।

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