Ebola Awareness: डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला संक्रमण को लेकर जागरूकता अभियान के बीच एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता की हत्या का मामला सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, सत्तारूढ़ Union for Democracy and Social Progress (UDPS) से जुड़े मैरी-सेलेस्टिन करोंडवा ने इबोला से बचाव के उपायों को लेकर रेडियो कार्यक्रम में लोगों को जागरूक किया था। इसके बाद उन पर हमला किया गया और बाद में उनकी मौत हो गई।
करोंडवा उत्तरी किवु प्रांत के बुटेम्बो में UDPS की संघीय कार्यकारी समिति के कार्यवाहक अध्यक्ष थे। बुटेम्बो मौजूदा इबोला प्रकोप से प्रभावित प्रमुख इलाकों में शामिल है। पार्टी के अनुसार, रेडियो कार्यक्रम में करोंडवा ने बीमारी की रोकथाम से जुड़े उपायों का समर्थन किया था।
रेडियो कार्यक्रम के बाद हुआ हमला
UDPS के स्थानीय संगठन के मुताबिक, रेडियो कार्यक्रम में शामिल होने के बाद करोंडवा पर उनके इलाके में हमला किया गया। पार्टी का कहना है कि हमलावरों ने उनके साथ मारपीट की, उनका सामान लूट लिया और उनके घर में आग लगा दी। गंभीर रूप से घायल करोंडवा की बाद में मौत हो गई।
हालांकि, घटना को लेकर हमलावरों की पहचान, उनकी संख्या और हमले के पीछे की सटीक वजह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सकी थी। इसलिए हत्या के कारण को लेकर सामने आए दावों को अभी जांच के दायरे में ही देखा जा रहा है।
US AMRAAM Missile Deal: वॉशिंगटन से कीव तक तैनात होंगी अमेरिकी मिसाइलें, Raytheon को मिला मेगा ऑर्डर
Ebola Awareness: इबोला को लेकर बढ़ी चिंता
DRC में मौजूदा इबोला प्रकोप 15 मई 2026 को घोषित किया गया था। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 26 सितंबर तक देश में 8,067 मामले और 3,901 मौतें दर्ज की गई थीं। यह प्रकोप Bundibugyo वायरस से जुड़ा है और देश के सात प्रांतों तक फैल चुका है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के सामने बीमारी के प्रसार को रोकने के साथ-साथ लोगों में जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा बनाए रखने की चुनौती भी है। रिपोर्टों में कहा गया है कि बीमारी को लेकर गलत सूचनाओं और स्वास्थ्य प्रतिक्रिया को लेकर अविश्वास के कारण कुछ इलाकों में स्वास्थ्यकर्मियों और उपचार केंद्रों को भी हमलों का सामना करना पड़ा है।
स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा भी चुनौती
करोंडवा की हत्या की घटना ऐसे समय सामने आई है जब इबोला नियंत्रण अभियान में लगे स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य टीमों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। इससे पहले पड़ोसी बेनी क्षेत्र में एक हैंड-वॉशिंग चेकपॉइंट पर सशस्त्र हमला होने की भी रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें कम से कम एक व्यक्ति की मौत हुई और कई लोग घायल हुए।
इबोला संक्रमण की रोकथाम में शुरुआती पहचान, संक्रमित लोगों की देखभाल, संपर्कों की निगरानी और संक्रमण नियंत्रण जैसे उपाय महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी पहुंचाना महामारी नियंत्रण प्रयासों का अहम हिस्सा है।
फिलहाल करोंडवा की हत्या के मामले में जांच से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार है। घटना ने इबोला प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता को और बढ़ा दिया है।