India New Zealand Trade (नई दिल्ली): भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता यानी Free Trade Agreement (FTA) 20 अक्टूबर 2026 से लागू होने जा रहा है। दोनों देशों ने समझौते की पुष्टि की प्रक्रिया पूरी कर ली है, जिसके बाद इसके लागू होने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार का कहना है कि यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई गति देगा।
भारत-न्यूजीलैंड FTA पर 27 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए गए थे। समझौते के लागू होने के बाद भारतीय निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में सभी टैरिफ लाइनों पर पहले दिन से शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। इससे भारतीय उत्पादों की कीमत प्रतिस्पर्धा बेहतर होने की उम्मीद है।
किन भारतीय सेक्टर को मिलेगा फायदा?
FTA से भारत के कई श्रम-प्रधान और विनिर्माण क्षेत्रों को लाभ मिलने की संभावना है। इनमें टेक्सटाइल और कपड़े, चमड़ा एवं फुटवियर, इंजीनियरिंग सामान, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य, समुद्री उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स और जेम्स एंड ज्वेलरी जैसे क्षेत्र शामिल हैं। सरकार के अनुसार शुल्क में कमी से भारतीय कंपनियों को न्यूजीलैंड के बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
टेक्सटाइल और फुटवियर जैसे क्षेत्रों के लिए यह समझौता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इन उत्पादों पर पहले कुछ मामलों में 5 से 10 प्रतिशत तक के शुल्क लागू थे। FTA के तहत इन शुल्कों को हटाने से भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति में सुधार हो सकता है।
India New Zealand Trade: 20 अरब डॉलर के निवेश का लक्ष्य
व्यापार के साथ-साथ समझौते में निवेश को भी महत्व दिया गया है। भारत सरकार के अनुसार FTA के तहत न्यूजीलैंड की ओर से भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भी कहा है कि नए दौर के FTA निवेशकों को टैरिफ और व्यापार व्यवस्था को लेकर अधिक पूर्वानुमेय वातावरण उपलब्ध करा सकते हैं।
इससे भारत में निवेश, उत्पादन और वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़ाव बढ़ाने के अवसर बन सकते हैं। खासकर MSME और निर्यात आधारित उद्योगों के लिए नए बाजारों तक पहुंच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
न्यूजीलैंड को भी मिलेगा भारतीय बाजार का लाभ
समझौता केवल भारतीय निर्यातकों के लिए नहीं है। न्यूजीलैंड के उत्पादों को भी भारत के बड़े बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी। न्यूजीलैंड सरकार के अनुसार उसके मौजूदा निर्यातों में करीब 95 प्रतिशत को समय के साथ शुल्क-मुक्त या काफी कम शुल्क वाली पहुंच मिलेगी। कुछ उत्पादों पर शुल्क तुरंत समाप्त होंगे, जबकि अन्य के लिए चरणबद्ध व्यवस्था लागू होगी।
न्यूजीलैंड से भारत आने वाले प्रमुख उत्पादों में लकड़ी, ऊन, फल, समुद्री उत्पाद और कुछ कृषि एवं खाद्य वस्तुएं शामिल हैं। समझौते में कीवी और सेब जैसे उत्पादों के लिए विशेष बाजार पहुंच की व्यवस्था भी की गई है।
India New Zealand Trade: द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने का लक्ष्य
भारत और न्यूजीलैंड दोनों ही इस समझौते के जरिए द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, दोनों देशों ने अगले कुछ वर्षों में वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार करीब 35,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
FTA लागू होने के बाद व्यापारियों और कंपनियों को नए बाजारों में प्रवेश, निवेश और सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग के अवसर मिलने की उम्मीद है। हालांकि वास्तविक व्यापार वृद्धि वैश्विक मांग, कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और बाजार परिस्थितियों पर भी निर्भर करेगी।