नई दिल्ली। वैश्विक आईटी और कंसल्टिंग कंपनी Accenture ने कर्मचारियों के वेतन वृद्धि ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए नया “50-50 फॉर्मूला” लागू किया है। इस नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को मिलने वाली वेतन वृद्धि का केवल 50 प्रतिशत हिस्सा उनके बेसिक वेतन में जोड़ा जाएगा, जबकि शेष 50 प्रतिशत राशि एकमुश्त (लंप-सम) भुगतान के रूप में दी जाएगी।
कंपनी के इस फैसले का उद्देश्य वेतन संरचना को अधिक लचीला बनाना और प्रदर्शन आधारित भुगतान प्रणाली को मजबूत करना बताया जा रहा है। नई नीति के तहत कर्मचारियों की मासिक सैलरी में बढ़ोतरी तो होगी, लेकिन पूरी वेतन वृद्धि बेसिक पे का हिस्सा नहीं बनेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मॉडल का असर भविष्य में मिलने वाले कुछ लाभों पर पड़ सकता है, क्योंकि प्रोविडेंट फंड (PF), ग्रेच्युटी और अन्य कई सुविधाएं बेसिक वेतन के आधार पर तय होती हैं। वहीं, एकमुश्त भुगतान से कर्मचारियों को तत्काल अतिरिक्त राशि का लाभ मिलेगा।
आईटी सेक्टर में यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कंपनियां बढ़ती लागत और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच कर्मचारियों को पुरस्कृत करने के नए तरीके तलाश रही हैं। Accenture की इस नीति पर कर्मचारियों और उद्योग विशेषज्ञों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कंपनी की नई वेतन संरचना को लेकर आईटी उद्योग में चर्चा तेज हो गई है और माना जा रहा है कि आने वाले समय में अन्य कंपनियां भी इसी तरह के मॉडल पर विचार कर सकती हैं।