लखनऊ। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में हुए भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार भी अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए राज्यभर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी हाईराइज इमारतों, होटलों, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, मॉल और अन्य सार्वजनिक भवनों का विशेष सुरक्षा ऑडिट कराने के आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिन भवनों में अग्निशमन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। फायर एनओसी, आपातकालीन निकास मार्ग, फायर अलार्म सिस्टम, स्प्रिंकलर और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता की गहन जांच की जाएगी।
सरकार के निर्देशों के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान बहुमंजिला इमारतों, होटलों, गेस्ट हाउसों, अस्पतालों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। कहीं भी लापरवाही मिलने पर संबंधित प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉक ड्रिल आयोजित करने, आपातकालीन निकासी योजनाओं को प्रभावी बनाने तथा फायर सेफ्टी उपकरणों को हर समय कार्यशील स्थिति में रखने के निर्देश भी दिए हैं।
गौरतलब है कि दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित एक होटल में लगी भीषण आग ने पूरे देश को झकझोर दिया। हादसे के बाद दिल्ली प्रशासन ने भी राजधानी में होटलों, मोटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की व्यापक जांच शुरू कर दी है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार ने भी एहतियाती कदम उठाते हुए राज्यभर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का निर्णय लिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और ऊंची इमारतों के दौर में अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन बेहद जरूरी है। हाल के वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में अस्पतालों, होटलों और व्यावसायिक भवनों में आग लगने की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
देखना होगा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद प्रदेश में चलने वाला यह विशेष अभियान अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन को कितना प्रभावी बना पाता है। सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है—किसी भी संभावित हादसे से पहले सुरक्षा खामियों को दूर कर नागरिकों के जीवन की रक्षा सुनिश्चित करना।