शेयर बाजार को राहत देने की तैयारी में सरकार, टैक्स कम करने पर मंथन तेज

मुंबई (महाराष्ट्र):– विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और भारतीय शेयर बाजार से भारी पूंजी निकासी के बीच केंद्र सरकार अब निवेशकों को राहत देने की दिशा में सक्रिय होती दिखाई दे रही है। पिछले 765 दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा करीब 5 लाख करोड़ रुपये की निकासी ने बाजार की रफ्तार को धीमा कर दिया है। इसी को देखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शेयर बाजार से जुड़े कर ढांचे की समीक्षा शुरू कर दी है।

 

सूत्रों के अनुसार सरकार पूंजीगत लाभ कर, सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) और डिविडेंड टैक्स जैसे मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले बजट या विशेष आर्थिक पैकेज में निवेशकों को राहत देने वाले कई बड़े ऐलान किए जा सकते हैं। सरकार का उद्देश्य भारतीय शेयर बाजार को विदेशी निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनाना और घरेलू निवेशकों का भरोसा मजबूत करना है।

 

विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले दो वर्षों में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी और भू-राजनीतिक तनावों के कारण विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से दूरी बनाई है। इसका असर सेंसेक्स और निफ्टी की चाल पर भी देखने को मिला। हालांकि घरेलू निवेशकों और म्यूचुअल फंड्स की मजबूत भागीदारी ने बाजार को पूरी तरह टूटने से बचाए रखा।

 

आर्थिक जानकारों के मुताबिक यदि सरकार शेयर बाजार पर लगने वाले टैक्स में कटौती करती है, तो इससे निवेशकों का उत्साह बढ़ेगा और बाजार में नई पूंजी का प्रवाह तेज हो सकता है। खासतौर पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स में राहत की मांग लंबे समय से की जा रही है। इसके अलावा STT में कमी आने से ट्रेडिंग लागत घटेगी और छोटे निवेशकों को फायदा मिलेगा।

 

वित्त मंत्रालय के अधिकारियों का मानना है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और ऐसे समय में निवेश माहौल को और अधिक सकारात्मक बनाना बेहद जरूरी है। सरकार चाहती है कि विदेशी निवेशक दोबारा भारतीय बाजार में भरोसा दिखाएं और देश की आर्थिक विकास यात्रा में भागीदार बनें।अब निवेशकों की नजर सरकार के अगले बड़े फैसले पर टिकी हुई है। यदि टैक्स में राहत का ऐलान होता है, तो यह भारतीय शेयर बाजार के लिए नई ऊर्जा साबित हो सकता है।

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